➤भूस्खलन में फंसी दीक्षा ने दिखाई अदम्य साहस
➤पूर्व मुख्यमंत्री जयराम ठाकुर ने की मुलाकात और सराहना
➤मंडी के शरण गांव में आपदा से जनजीवन बेहाल
पंकज पंडित, समाचार फर्स्ट
HimachalRainDisaster: भारी बारिश और लगातार हो रहे भूस्खलन से हिमाचल प्रदेश के मंडी जिले का सराज विधानसभा क्षेत्र बुरी तरह प्रभावित है। इसी आपदा में शरण गांव की युवती दीक्षा की हिम्मत ने सबको चौंका दिया। मंगलवार को गांव में अचानक भारी भूस्खलन हुआ, जिसमें दीक्षा पूरी तरह से मलबे में दब गई। हालात इतने भयावह थे कि मलबा उसके गले तक भर गया था।
मौत का खौफनाक साया सिर पर मंडरा रहा था, लेकिन दीक्षा ने हार मानने के बजाय अदम्य साहस दिखाया। वह लगातार खुद को मलबे से बाहर निकालने की कोशिश करती रही। घंटों तक मलबे में फंसे रहने और संघर्ष करने के बाद आखिरकार उसने खुद को सुरक्षित बाहर निकाल लिया। उसकी इस हिम्मत की कहानी पूरे इलाके में चर्चा का विषय बन गई।
बुधवार को पूर्व मुख्यमंत्री जयराम ठाकुर खुद शरण गांव पहुंचे। उन्होंने दीक्षा से मुलाकात कर उसकी बहादुरी की दास्तान सुनी। जयराम ठाकुर ने उसकी पीठ थपथपाते हुए कहा कि ऐसी साहसी बेटियों पर पूरे प्रदेश को गर्व है। उन्होंने यह भी कहा कि प्रशासन की ओर से हर संभव मदद दी जाएगी।
इस दौरान जयराम ठाकुर ने आपदा से प्रभावित अन्य लोगों से भी बातचीत कर उनका हाल जाना और उन्हें हर संभव सहायता का भरोसा दिया। शरण गांव समेत पूरे बगस्याड़ क्षेत्र में कई घर तबाह हो चुके हैं। लोग अपने परिजनों को ढूंढने और मलबे से सामान निकालने में लगे हैं। प्रशासन और राहत दल लगातार सर्च एवं रेस्क्यू में जुटे हुए हैं।



