➤नूरपुर की महिलाओं ने बनाए पर्यावरण मित्र बैग
➤हिमाचल प्रदूषण बोर्ड ने दिए ऑर्डर
➤पॉलीथीन का विकल्प अपनाने की अपील
संजीव महाजन, नुरपूर
ब्लाक नूरपुर की पंचायत ठेहड़ में गंगा महिला ग्राम संगठन के अंतर्गत मीरा स्वयं सहायता समूह की महिलाओं ने पर्यावरण संरक्षण की दिशा में बड़ा कदम उठाया है। समूह की महिलाओं ने ऐसा पैराशूट कपड़े का प्रदूषण रहित बैग तैयार किया है जो आने वाले समय में पॉलीथीन के विकल्प के रूप में उपयोग होगा। हिमाचल प्रदेश प्रदूषण बोर्ड नूरपुर ने इन बैग्स को चयनित किया है और समूह को बड़े पैमाने पर ऑर्डर दिए हैं।
मीरा स्वयं सहायता समूह वर्ष 2016 में गठित हुआ था। शुरुआत में महिलाओं ने सेवइयां, बड़ियां, सिरा जैसे घरेलू उत्पाद तैयार किए, जिन्हें लोगों का भरपूर समर्थन मिला। समय के साथ समूह की मेहनत और काम में गुणवत्ता ने इसे पहचान दिलाई।
समूह की अध्यक्ष सुषमा ने बताया कि 2017 में समूह की महिलाओं को ट्रेनिंग दी गई थी। तभी से वे लगातार आत्मनिर्भरता की ओर बढ़ रही हैं। अब पर्यावरण को ध्यान में रखते हुए प्रदूषण रहित बैग बनाने का कार्य मिला है। उन्होंने कहा, “2024 से हमने यह बैग बनाना शुरू किया। पर्यावरण दिवस पर 200 बैग बांटे और अब 100 और देने हैं। इसके अलावा 500 बैग का नया ऑर्डर मिला है जिसे जल्द पूरा किया जाएगा। हमारे समूह में 10 महिलाएं काम कर रही हैं जबकि ग्राम संगठन में करीब 150 महिलाएं जुड़ी हैं। मगर पर्यावरण संरक्षण को लेकर बैग बनाने का यह काम सिर्फ हमें सौंपा गया है।”
समूह की सदस्य इंदू ने कहा कि हमारा ग्रुप 2016 से चल रहा है और हमें गर्व है कि हमें ऐसा प्रोजेक्ट मिला है जिसमें हम पर्यावरण संरक्षण में योगदान दे रहे हैं। उन्होंने सभी लोगों से अपील की कि पॉलीथीन बैग का उपयोग बंद करें और ऐसे पर्यावरण मित्र बैग अपनाएं।
सरकार द्वारा बनाए गए स्वयं सहायता समूहों का मुख्य उद्देश्य महिलाओं को आत्मनिर्भर बनाना, घर बैठे रोज़गार देना और उनका सशक्तिकरण करना है। राज्य सरकार समय-समय पर ऐसी इकाइयों को प्रशिक्षण भी देती है जिससे महिलाएं नवीन उत्पाद तैयार कर सकें और बाजार में अपनी मजबूत पहचान बना सकें। इस पहल से महिलाओं की आय भी बढ़ेगी और पर्यावरण भी सुरक्षित रहेगा।



