➤सरकार आपदा पीड़ितों के पुनर्वास में जुटी
➤मंडी में भूस्खलन और बादल फटने से बड़ा नुकसान
➤अधिकारियों को राहत कार्य तेज़ करने के निर्देश
विपलव सकलानी, मंडी
प्रदेश के उप-मुख्यमंत्री मुकेश अग्निहोत्री ने मंडी जिले के सराज और नाचन विधानसभा क्षेत्रों के आपदा प्रभावित इलाकों का दौरा कर जमीनी हालात का जायज़ा लिया। इस दौरान उन्होंने शरण गांव, बाड़ा गांव, स्यांज के बागा गांव, पंगलियुर सहित कई जगहों पर जाकर प्रभावित परिवारों से मुलाकात की और उन्हें हरसंभव सहायता का आश्वासन दिया। उन्होंने कहा कि सरकार आपदा की इस कठिन घड़ी में हर परिवार के साथ खड़ी है और राहत के अलावा पुनर्वास के कार्यों को भी प्राथमिकता दी जा रही है।

उन्होंने पंडोह-बाखली मार्ग पर भारी भूस्खलन से हुई क्षति का निरीक्षण किया और लोक निर्माण विभाग को निर्देश दिए कि 60 मीटर लंबा वैली ब्रिज जल्द से जल्द स्थापित कर क्षेत्र की 14 पंचायतों की यातायात सुविधा बहाल की जाए। उन्होंने यह भी बताया कि बगलामुखी रोपवे को आगामी आदेशों तक निःशुल्क कर दिया गया है और अब तक 1500 से अधिक लोग इस सुविधा का लाभ उठा चुके हैं।

तांदी-सरोआ क्षेत्र में पेयजल योजनाएं क्षतिग्रस्त होने की जानकारी पर उप-मुख्यमंत्री ने जलशक्ति विभाग को तत्काल स्वच्छ पेयजल आपूर्ति बहाल करने के निर्देश दिए। उन्होंने अधिकारियों से कहा कि राहत कार्यों में किसी भी प्रकार की ढिलाई बर्दाश्त नहीं की जाएगी और पीड़ितों की हर आवश्यकता सर्वोपरि मानी जाए।

उन्होंने बगस्याड क्षेत्र के शरण गांव में बने राहत शिविरों का निरीक्षण कर बिजली, पानी, भोजन और स्वास्थ्य सुविधाओं की उपलब्धता सुनिश्चित करने के निर्देश दिए। इस दौरान उन्होंने तनुजा ठाकुर से मुलाकात कर उनके साहस की सराहना की, जो बादल फटने के बाद पांच घंटे तक मलबे में फंसी रहीं। उन्होंने कहा कि तनुजा जैसी बेटियां पूरे प्रदेश के लिए प्रेरणा हैं।
बाड़ा गांव में ग्राम प्रधान जिमा देवी ने बताया कि गांव के 42 मकान रेड जोन में आ चुके हैं और 16 मकान पूरी तरह तबाह हो गए हैं। उप-मुख्यमंत्री ने कहा कि जलशक्ति विभाग के सभी विश्राम गृह शरणार्थियों के लिए खोल दिए गए हैं।
इस अवसर पर कांग्रेस के वरिष्ठ नेता चेत राम, उपायुक्त अपूर्व देवगन, पुलिस अधीक्षक साक्षी वर्मा सहित विभिन्न विभागों के अधिकारी उनके साथ उपस्थित रहे।
दौरे से पूर्व मंडी जिला आपदा प्रबंधन प्राधिकरण, जलशक्ति, परिवहन, और अन्य विभागों के अधिकारियों के साथ समीक्षा बैठक की गई। इसमें उप-मुख्यमंत्री ने निर्देश दिए कि जलशक्ति विभाग तत्काल आंशिक पेयजल आपूर्ति बहाल करने के उपाय करे। उन्होंने बताया कि थुनाग क्षेत्र में विभाग की 241 परियोजनाएं क्षतिग्रस्त हुई हैं, जिनमें से 41 को आंशिक रूप से बहाल कर दिया गया है। जिन क्षेत्रों में पाइपें क्षतिग्रस्त हुई हैं, वहां के लिए नई पाइपों के आदेश जारी कर दिए गए हैं।
उन्होंने कहा कि प्राकृतिक आपदा से 33 सड़क मार्ग प्रभावित हुए हैं और इनके जल्द से जल्द खुलने के लिए युद्धस्तर पर काम चल रहा है।
बैठक में उपायुक्त अपूर्व देवगन ने अब तक किए गए राहत कार्यों का विवरण प्रस्तुत किया। बैठक में जलशक्ति विभाग की प्रमुख अभियंता अंजु शर्मा, पुलिस अधीक्षक साक्षी वर्मा, और अन्य विभागों के उच्चाधिकारी मौजूद रहे।



