➤ 115 वर्ष पुरानी राजपूत स्थानीय सभा की नई कार्यकारिणी गठित
➤ बलदेव सिंह ठाकुर सर्वसम्मति से अध्यक्ष निर्वाचित हुए
➤ सदस्यता अभियान से समाज को संगठित करने का आह्वान
शिमला: 115 वर्ष पुरानी राजपूत स्थानीय सभा की नई कार्यकारिणी का गठन आज एडवेंचर रिसॉर्ट न्यू कुफरी में आयोजित चुनावों के माध्यम से सर्वसम्मति से किया गया। इस ऐतिहासिक सभा का गठन वर्ष 1910 में लाहौर में पंजीकृत कर किया गया था, जबकि इसका कार्यक्षेत्र शिमला रहा। स्वतंत्रता आंदोलन के दौरान यह संस्था राजपूत समुदाय की एक प्रमुख आवाज बनी रही और वर्ष 1970 में इसे नए कानूनों के तहत शिमला में पुनः पंजीकृत किया गया।
आज हुए चुनाव में बलदेव सिंह ठाकुर को सभा का सर्वसम्मति से अध्यक्ष चुना गया। उन्होंने अध्यक्ष पद संभालने के बाद कहा कि यह संस्था राजपूत समाज को एकजुट करने और सामाजिक समरसता के उद्देश्यों के लिए प्रतिबद्ध रही है। उन्होंने स्पष्ट किया कि उनका प्राथमिक लक्ष्य व्यापक स्तर पर सदस्यता अभियान चलाकर समाज को एकजुट करना होगा ताकि राजपूत समुदाय आने वाले समय में संगठित होकर अपने हितों के लिए प्रयास कर सके।
इस अवसर पर उन्होंने कहा कि “वर्तमान समय में भी संघ में ही शक्ति निहित है। यदि हम संगठित रहें तो हर चुनौती का सामना कर सकते हैं।” बलदेव ठाकुर ने नई कार्यकारिणी के सभी पदाधिकारियों को बधाई देते हुए भरोसा जताया कि यह टीम समुदाय के उत्थान और विकास के लिए पूरी निष्ठा से काम करेगी।
चुनाव में अमर सिंह राठौर को उपाध्यक्ष, पंकज चौहान को महासचिव, वीरेंद्र कंवर को कोषाध्यक्ष और रीना वर्मा को प्रेस सचिव चुना गया। इसके अलावा कार्यकारी समिति में खुशी राम ठाकुर, नरेश चौहान, सुबनीत चौहान, अजीत ठाकुर, एस.एस. डेस्टा और अजय ठाकुर को शामिल किया गया। सभा की दिशा और परामर्श के लिए अनुभवी सदस्यों का सलाहकार मंडल भी गठित किया गया जिसमें बी.एस. हिमालवी, एस.एस. धड़वाल और एच.एस. राणा को शामिल किया गया।
यह चुनाव पूरे सौहार्दपूर्ण माहौल में संपन्न हुआ और इसमें बड़ी संख्या में राजपूत समुदाय के सदस्य मौजूद रहे। सभी ने आशा जताई कि नई कार्यकारिणी संस्था के स्वर्णिम इतिहास को आगे बढ़ाते हुए नई ऊर्जा के साथ कार्य करेगी।



