Follow Us:

पांवटा साहिब में वन विभाग के अधिकारियों -कर्मचारियों पर खैर तस्करी के आरोप, भड़के ग्रामीणों ने किया चक्‍का जाम


ग्रामीणों ने देर रात की छापेमारी में बीओ और गार्डों को खैर कटवाते देखा
गांव वालों ने किया विरोध, चेताया–अबकी बार कार्रवाई नहीं हुई तो उग्र आंदोलन होगा



Khair smuggling Paonta Sahib: पांवटा साहिब के बहराल गांव में वन विभाग के भीतर चल रहा भ्रष्टाचार अब खुलकर सामने आने के आरोप लगे हैं। ग्रामीणों का दावा है कि  सोमवार देर रात ग्रामीणों ने वन विभाग के बीओ और गार्डों को प्रतिबंधित खैर के पेड़ों की अवैध कटान करवाते हुए रंगे हाथ पकड़ा है !  ग्रामीणों ने आरोप लगाया है कि  जिन अधिकारियों पर जंगल की सुरक्षा की जिम्मेदारी थी, वे खुद तस्करों के साथ मिलकर पेड़ों की कटाई करवा रहे थे। ग्रामीणों की उपस्थिति देखकर सभी विभागीय कर्मी और तस्कर मौके से भाग निकले।

मंगलवार सुबह ग्रामीणों का गुस्सा सड़कों पर फूट पड़ा। बहराल क्षेत्र की सड़क को जाम कर उन्होंने जमकर विरोध प्रदर्शन किया। मौके पर पहुंचे वन विभाग के उच्च अधिकारियों ने ग्रामीणों को समझाने की कोशिश की, जिसके बाद प्रदर्शन समाप्त हुआ। हालांकि, गांव वालों ने चेताया कि यदि इस बार इन भ्रष्ट अधिकारियों पर कड़ी कार्रवाई नहीं हुई, तो आंदोलन और अधिक उग्र होगा।

इससे पहले भी पांवटा साहिब के मानपुर देवड़ा और बहराल क्षेत्रों में हजारों खैर के पेड़ों की अवैध कटाई का मामला सामने आया था। सूत्रों के अनुसार, उस समय भी यह पूरा रैकेट वन विभाग के संरक्षण में ही चला था। खैर को उत्तरप्रदेश ले जाकर भारी मुनाफे में बेचा गया था। लेकिन, विभाग ने सिर्फ एक-दो गार्डों को सस्पेंड करके मामले को दबा दिया, जबकि असली दोषी बीओ और रेंजर को साफ बचा लिया गया।

अब जनता का सवाल है—“जब सबूत सामने हैं, ग्रामीण गवाह हैं, तब भी इन अधिकारियों पर कार्रवाई क्यों नहीं?” यह तस्करी अब संगठित अपराध का रूप ले चुकी है, जिसमें वन विभाग की चुप्पी या संलिप्तता साफ दिखाई दे रही है।

ग्रामीणों का कहना है कि अगर इस बार भी मामले को दबाया गया, तो वे शहर स्तर पर आंदोलन छेड़ेंगे। प्रदर्शनकारियों ने स्पष्ट कहा कि अब केवल निलंबन से काम नहीं चलेगा, जेल और बर्खास्तगी ही स्वीकार होगी।