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आपदा के बाद थुनाग हॉर्टिकल्चर कॉलेज हुआ शिफ्ट, सुंदरनगर में लगेगी कक्षाएं, 14 जुलाई तक अवकाश

थुनाग के कॉलेज को आपदा के चलते सुंदरनगर शिफ्ट किया गया
300 छात्र सुरक्षित, 14 जुलाई तक अवकाश घोषित
जेपी नड्डा बोले- नुकसान ज्यादा लेकिन सहायता में भेदभाव



शिमला: हिमाचल प्रदेश के मंडी जिले के थुनाग क्षेत्र में हालिया प्राकृतिक आपदा ने व्यापक तबाही मचाई है, जिसका असर अब शैक्षणिक संस्थानों पर भी पड़ा हैथुनाग में संचालित हॉर्टिकल्चर और फोरेस्ट्री कॉलेज को भारी नुकसान पहुंचा है। राहत की बात यह रही कि कॉलेज में पढ़ रहे सभी 300 छात्र सुरक्षित बाहर निकाल लिए गए।

बदलती स्थिति और छात्रों की सुरक्षा को ध्यान में रखते हुए हिमाचल प्रदेश सरकार ने बड़ा निर्णय लिया है। अब यह कॉलेज थुनाग से अस्थायी रूप से सुंदरनगर शिफ्ट किया जा रहा है। राजस्व मंत्री जगत सिंह नेगी ने बताया कि मौजूदा हालातों में थुनाग में कॉलेज को जारी रखना संभव नहीं है, इसलिए यह निर्णय छात्रों की मांग और प्रशासनिक विवेक के आधार पर लिया गया है।

विश्वविद्यालय प्रशासन ने 14 जुलाई तक अवकाश घोषित कर दिया है, लेकिन नया सत्र शुरू करने में देरी न हो, इसीलिए शिफ्टिंग की प्रक्रिया त्वरित रूप से शुरू की जा रही है। सरकार का मानना है कि इससे छात्रों की पढ़ाई बाधित नहीं होगी।

राजस्व मंत्री जगत सिंह नेगी ने केंद्र सरकार की ओर से आपदा सहायता को लेकर भी गंभीर सवाल उठाए। उन्होंने कहा कि 2023 की आपदा में प्रदेश को 10 हजार करोड़ का नुकसान हुआ था, जिसमें से सिर्फ 2006 करोड़ की PDNA राशि स्वीकृत हुई, उसमें भी 25% हिस्सा हिमाचल सरकार को खुद वहन करना पड़ा।

नेगी ने कहा कि केंद्र सरकार ने राहत राशि देने में देरी की है। अब जबकि भाजपा के राष्ट्रीय अध्यक्ष और केंद्रीय मंत्री जेपी नड्डा ने भी मंडी और थुनाग का दौरा किया है, उन्होंने भी माना कि राज्य में आपदा से भारी नुकसान हुआ है। मगर उन्होंने भी इस बात पर सवाल उठाया कि हिमाचल को राहत राशि में भेदभाव क्यों झेलना पड़ रहा है।

जगत सिंह नेगी ने यह भी कहा कि जब 2023 में आपदा आई थी, उस समय पूर्व मुख्यमंत्री जयराम ठाकुर इस पीड़ा को नहीं समझ सके, लेकिन अब जब आपदा उनके क्षेत्र में आई, तब उन्हें असली पीड़ा का एहसास हुआ। उन्होंने कहा कि अब जाकर विपक्ष दिल्ली में सहायता मांगने की बात कर रहा है।