➤ अदालत ने याचिका को गलत ठहराते हुए खारिज किया
➤ चुनाव पहले ही हो चुके, याचिका हुई निष्प्रभावी
➤अब 2024-27 यूनियन पर कोई रोक नहीं
HGTU Election Dispute: हिमाचल प्रदेश हाईकोर्ट ने एक अहम फैसले में हिमाचल गवर्नमेंट टीचर्स यूनियन (HGTU) के चुनावों पर लगी अंतरिम रोक को हटाते हुए याचिकाकर्ता की याचिका को खारिज कर दिया है। न्यायमूर्ति सत्येन वैद्य की एकल पीठ ने यह फैसला सुनाते हुए कहा कि संवैधानिक अनुच्छेद 227 के तहत अदालत की सीमित निगरानी अधिकारिता केवल स्पष्ट विधिक या प्रक्रियात्मक त्रुटियों को ही सुधार सकती है, न कि अपील की तरह निर्णयों को पलटने के लिए प्रयोग की जा सकती है।
याचिकाकर्ता वीरेंद्र सिंह चौहान , जो खुद को 2023 में चुना गया HGTU का अध्यक्ष बताते हैं, ने दावा किया था कि वर्तमान पदाधिकारी अवैध रूप कार्य कर रहे हैं । जबकि पिछली कार्यकारिणी का कार्यकाल अभी शेष है। इस पर निचली अदालत ने चुनावों पर अंतरिम रोक लगाई थी और यूनियन के नाम, लोगो व पंजीकरण नंबर के प्रयोग पर भी प्रतिबंध लगाया था।
लेकिन अपील अदालत ने यह रोक हटाते हुए पाया कि याचिकाकर्ता ने यह साबित नहीं किया कि HGTU एक विधिवत पंजीकृत संस्था है और उसने प्रतिनिधित्व के रूप में भी मुकदमा दर्ज नहीं किया। इसी आधार पर अपीलीय अदालत ने निचली अदालत का आदेश पलट दिया।
हाईकोर्ट ने अपीलीय अदालत के आदेश को सही मानते हुए याचिका खारिज कर दी और कहा कि अंतरिम आदेश के समय आवश्यक शर्तें पूरी नहीं की गई थीं। इसके साथ ही अदालत को यह भी बताया गया कि अब चुनाव संपन्न हो चुके हैं, जिससे याचिका स्वतः ही निष्प्रभावी हो जाती है।



