➤ बिंदल ने सरकार पर लगाए भूमि और होटल बेचने के गंभीर आरोप
➤ कहा– स्कूल बंदी को ‘मर्ज’ कहकर लोगों को गुमराह कर रही है कांग्रेस
➤ प्राइवेटाइजेशन की मंशा पर उठाए सवाल, सीएम सुक्खू को घेरा
भारतीय जनता पार्टी के प्रदेश अध्यक्ष डॉ. राजीव बिंदल ने हिमाचल प्रदेश की कांग्रेस सरकार पर तीखा हमला बोलते हुए आरोप लगाया है कि वह नई-नई शब्दावली गढ़कर जनविरोधी फैसलों को छुपाने का प्रयास कर रही है। उन्होंने मुख्यमंत्री सुखविंदर सिंह सुक्खू पर निशाना साधते हुए कहा कि सरकार शिक्षा और पर्यटन जैसे महत्वपूर्ण क्षेत्रों का निजीकरण कर प्रदेश के हितों को नुकसान पहुंचा रही है।
बिंदल ने कहा कि सरकार ने पालमपुर स्थित कृषि विश्वविद्यालय की सैकड़ों बीघा भूमि निजी हाथों को सौंपने का निर्णय लिया, जो राज्य के शिक्षा तंत्र पर सीधा हमला है। उन्होंने पूछा कि आखिर ऐसी कौन-सी मजबूरी थी कि यह जमीन निजी लोगों को दी गई और राज्य को इससे क्या लाभ होगा। बिंदल के अनुसार, समाज ने इस फैसले का विरोध किया, आंदोलन भी हुए, लेकिन सरकार मौन रही।
उन्होंने कहा कि अब पर्यटन विभाग के होटलों को भी प्राइवेट सेक्टर को सौंपने का निर्णय लिया गया है, लेकिन सरकार इस पर खुलकर बात नहीं कर रही। बिंदल ने दावा किया कि 28 जून को हुई कैबिनेट बैठक में यह निर्णय लिया गया, लेकिन उसे सार्वजनिक नहीं किया गया, ताकि जनता को इसकी भनक न लगे।
बिंदल ने स्कूलों को मर्ज करने की भाषा पर भी सवाल उठाए। उन्होंने कहा कि सरकार स्कूल बंद कर रही है और उसे ‘मर्जिंग’ बता रही है, लेकिन हकीकत में ताले लग रहे हैं। उन्होंने आरोप लगाया कि सरकार होटलों को ‘लीज’ पर देने की आड़ में उन्हें बेच रही है, यह जनता के साथ धोखा है।
बिंदल ने कहा कि सरकार के ये फैसले हिमाचल प्रदेश के संसाधनों को निजी हाथों में सौंपने की एक व्यापक साजिश का हिस्सा हैं, जिसे नए नाम देकर छिपाया जा रहा है। उन्होंने मांग की कि मुख्यमंत्री को जनता के सामने साफ-साफ जवाब देना चाहिए कि सरकारी संस्थानों और संपत्तियों को निजी हाथों में क्यों सौंपा जा रहा है।



