➤ पंचायती राज मंत्री अनिरुद्ध सिंह ने अंगदान की शपथ लेकर किया अभियान का शुभारंभ
➤ चेबड़ी पंचायत में ठेका बंद करने के दिए निर्देश, इस्तीफों पर संज्ञान
➤ पंचायत चुनाव दिसंबर में होंगे, NH से नुकसान पर गडकरी से मिलेंगे मंत्री
हिमाचल प्रदेश के पंचायती राज मंत्री अनिरुद्ध सिंह ने समाज के लिए एक प्रेरक कदम उठाते हुए अंगदान की शपथ ली और “अंगदान–जीवन संजीवनी अभियान” का विधिवत शुभारंभ किया। उन्होंने अपने कार्यालय में ऑनलाइन अंगदान शपथ पत्र भरते हुए लोगों से इस नेक कार्य में भाग लेने की अपील की। मंत्री ने कहा कि अंगदान किसी ज़रूरतमंद को नया जीवन देने का माध्यम है और यह मानवता की सच्ची सेवा है। उन्होंने प्रदेश में अंगदान के लिए प्रचार, पंजीकरण, ग्रीन कॉरिडोर व्यवस्था और समर्पित टीम बनाए जाने की वकालत की।
इस मौके पर उन्होंने चिकित्सक डॉ. पुनीत महाजन के जागरूकता प्रयासों की भी सराहना की। उन्होंने कहा कि यदि मृत्यु के बाद किसी के अंग किसी और के जीवन में रोशनी ला सकें, तो इससे बड़ा पुण्य कुछ नहीं हो सकता। मंत्री ने मुख्यमंत्री से इस दिशा में ठोस नीतियां बनाने की बात कही।
दूसरी ओर, शिमला के बसंतपुर की चेबड़ी पंचायत में शराब ठेके के विरोध में पंचायत प्रतिनिधियों द्वारा दिए गए सामूहिक इस्तीफों पर भी मंत्री ने तुरंत संज्ञान लिया और एक्साइज विभाग को निर्देश दिए कि उस क्षेत्र में ठेका न खोला जाए। उन्होंने स्पष्ट किया कि ठेके का मामला पंचायती राज विभाग से नहीं जुड़ा है, फिर भी जनभावनाओं का सम्मान करते हुए ठेका रद्द करने के आदेश दिए गए हैं।
पंचायती राज चुनाव को लेकर मंत्री ने कहा कि राज्य में चुनाव तय समय पर दिसंबर के मध्य में होंगे। उन्होंने बताया कि 750 नई पंचायतों की मांग पर राज्य की मौजूदा आर्थिक स्थिति के चलते फिलहाल नई पंचायतों के गठन पर रोक है, क्योंकि प्रत्येक पंचायत पर सालाना लगभग 10 लाख और भवन निर्माण पर 1.14 करोड़ रुपये का खर्च आता है।
नेशनल हाइवे निर्माण से हो रहे नुकसान पर भी मंत्री ने कड़ा रुख अपनाया। उन्होंने कहा कि प्रदेश भर में लोगों को हो रहे निजी नुकसान की अनदेखी नहीं की जाएगी। इसके लिए वे केंद्रीय मंत्री नितिन गडकरी से मिलेंगे और एनएच निर्माण में पारदर्शिता, कानूनी सहायता और 100 मीटर के दायरे में नुकसान की भरपाई का कानूनी प्रावधान बनाने की मांग करेंगे। उन्होंने सांसद अनुराग ठाकुर के इस मुद्दे पर बयान देने का स्वागत किया और कहा कि अब लोकसभा में भी हिमाचल की आवाज़ मजबूती से उठनी चाहिए।



