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हिमाचल में फिर आफत की बारिश? अगले दो दिन सावधान रहें

➤ हिमाचल के 4 जिलों में आज बारिश को लेकर यलो अलर्ट
➤ 17 जुलाई को 9 जिलों में अलर्ट, अब तक 818 करोड़ की संपत्ति तबाह
➤ शिमला में सामान्य से 59% अधिक और चंबा में 68% कम बारिश दर्ज



हिमाचल प्रदेश में मॉनसून का असर असमान रूप में दिखाई दे रहा है, जहां एक ओर कुछ जिलों में अत्यधिक वर्षा हो रही है, वहीं कुछ क्षेत्रों में बारिश की भारी कमी दर्ज की गई है। मंगलवार, 16 जुलाई को चंबा, कांगड़ा, मंडी और सिरमौर जिलों में तेज बारिश को लेकर यलो अलर्ट जारी किया गया है। इसके अलावा राज्य के अन्य हिस्सों में हल्की बूंदाबांदी की संभावना जताई गई है।

मौसम विभाग ने 17 जुलाई को 9 जिलों — ऊना, हमीरपुर, बिलासपुर, कांगड़ा, मंडी, शिमला, सोलन, सिरमौर और कुल्लू — में यलो अलर्ट की चेतावनी जारी की है। इसके बाद 18 जुलाई को 5 और 19 जुलाई को 2 जिलों में मौसम को लेकर चेतावनी जारी की गई है।

बारिश के आंकड़ों की बात करें तो शिमला जिले में सामान्य से 59 प्रतिशत अधिक बारिश दर्ज की गई है। यहां 8 से 15 जुलाई के दौरान सामान्य रूप से 49.4 मिमी वर्षा होती है, मगर इस बार 78.4 मिमी बारिश दर्ज की गई। इसके विपरीत चंबा जिले में 68 प्रतिशत कम वर्षा दर्ज की गई है, जहां 70.8 मिमी की तुलना में केवल 22.4 मिमी ही बारिश हुई है। कांगड़ा जिले में भी बारिश में 61 प्रतिशत की कमी आई है, जहां सामान्य रूप से 134.3 मिमी बारिश होती है लेकिन इस बार केवल 52.6 मिमी ही बरसी है।

प्रदेश में इस मॉनसून सीजन (20 जून से 15 जुलाई) के दौरान भारी बारिश, बादल फटने और भूस्खलन से 818 करोड़ रुपये की संपत्ति का नुकसान हो चुका है। आंकड़ों के अनुसार, अब तक 106 लोगों की मौत हो चुकी है, जिसमें 24 मौतें भूस्खलन, बाढ़ और बादल फटने जैसी आपदाओं के कारण हुई हैं। 34 लोग अभी भी लापता हैं, जबकि 44 की मौत सड़क दुर्घटनाओं में हुई है।

प्रदेश में अब भी 190 सड़कें बंद पड़ी हैं, जिनमें से अधिकांश सड़कों को 15 दिनों से ज्यादा समय से बहाल नहीं किया जा सका है। इससे न केवल जनजीवन बाधित हुआ है, बल्कि राहत कार्यों में भी कठिनाई पेश आ रही है।

हालात यह इशारा कर रहे हैं कि राज्य सरकार को आपदा प्रबंधन और पूर्व चेतावनी तंत्र को और अधिक मजबूत करने की आवश्यकता है, ताकि भविष्य में ऐसे हालातों से बेहतर ढंग से निपटा जा सके।