Follow Us:

सेब पेड़ कटान पर सुप्रीम कोर्ट जाने में हुई देरी: कुलदीप राठौर

सेब पेड़ कटान पर सुप्रीम कोर्ट जाने में देरी को राठौर ने माना
सावन में फलदार पेड़ काटना अनुचित, कोर्ट में जल्द पक्ष रखने की बात
ठियोग को अग्रणी शहरों में शामिल करने का संकल्प जताया



सेब पेड़ों की कटाई के संवेदनशील मुद्दे पर हिमाचल कांग्रेस के राष्ट्रीय प्रवक्ता और ठियोग विधायक कुलदीप राठौर ने पहली बार साफ माना है कि सरकार की ओर से सुप्रीम कोर्ट का रुख करने में देरी हुई है। उन्होंने कहा कि उच्च न्यायालय के आदेशों के बाद हजारों फलदार पेड़ काटे जा चुके हैं, जिससे कई लोग बरसात के मौसम में बेघर हुए हैं। मुख्यमंत्री सुखविंदर सिंह सुक्खू ने भी पहले ही स्पष्ट कर दिया था कि इस मामले में हाई कोर्ट से कोई राहत नहीं मिली, इसलिए सरकार सुप्रीम कोर्ट जाएगी।

राठौर ने कहा कि उच्च न्यायालय में सरकार को समय रहते अपना पक्ष रखना चाहिए था, जिससे कम से कम 3-4 महीने की राहत मिल सकती थी। उन्होंने माना कि इस संवेदनशील मुद्दे पर सरकार की देरी से गलत संदेश गया है। साथ ही उन्होंने कहा कि अब भी समय है, सरकार को सुप्रीम कोर्ट के समक्ष दलीलों के साथ मजबूती से अपना पक्ष रखना चाहिए।

उन्होंने कहा कि सावन के महीने में फलों से लदे पेड़ों को काटना धार्मिक और सामाजिक दोनों दृष्टियों से अटपटा लगता है। उन्होंने स्पष्ट किया कि वह अतिक्रमण का समर्थन नहीं करते, परंतु फलों से लदे पेड़ों को काटने के समय पर सवाल उठाना जरूरी है।

इस मुद्दे पर आज शाम मुख्यमंत्री की अध्यक्षता में बैठक रखी गई है, जिसमें राठौर भी शामिल होंगे। उन्होंने कहा कि 2015–16 में पूर्व मुख्यमंत्री वीरभद्र सिंह ने छोटे किसानों के लिए कानून बनाने की बात कही थी, लेकिन 2017 के सत्ता परिवर्तन के बाद मामला अधर में लटक गया।

इसी बीच राठौर ने ठियोग को राष्ट्रीय स्तर पर स्वच्छ शहर का अवार्ड मिलने पर जनता को बधाई दी। उन्होंने कहा कि यह उपलब्धि केंद्रीय मंत्री मनोहर लाल खट्टर के हाथों मिली और अब उनका लक्ष्य है कि आने वाले दो वर्षों में ठियोग को अग्रणी शहरों में शामिल किया जाए।

उन्होंने ठियोग के लिए सीवरेज योजना, जल समस्या समाधान, बेहतर सड़कों के निर्माण जैसे कार्यों को प्राथमिकता देने की बात कही। बरसात के बाद इन योजनाओं को धरातल पर उतारा जाएगा।