➤ फोरलेन प्रभावितों ने मंत्री अनिरुद्ध सिंह से मिलकर जताया दर्द
➤ मंत्री ने एसपी को फोन कर NHAI पर FIR के दिए आदेश
➤ केंद्रीय मंत्री गडकरी से मिलेंगे, लगाए भ्रष्टाचार के गंभीर आरोप
हिमाचल प्रदेश में फोरलेन निर्माण के कारण उजड़े लोगों की पीड़ा अब मंत्रियों तक पहुँचने लगी है। सोलन के जाबली क्षेत्र से आए फोरलेन प्रभावितों ने शुक्रवार को पंचायती राज मंत्री अनिरुद्ध सिंह से मुलाकात कर अपनी आपबीती सुनाई और भावुक हो गए।
प्रभावित नानक चंद शांडिल ने बताया कि 2023 की आपदा में उनके साथियों राम और नंदलाल के मकान पूरी तरह क्षतिग्रस्त हो गए। NHAI द्वारा की गई अत्यधिक कटिंग के चलते लैंडस्लाइड का खतरा बना रहता है और उसी दौरान भारी बारिश में घर गिर गए। प्रभावितों ने बताया कि वह अब दो साल से किराए के मकानों में रह रहे हैं, लेकिन उन्हें न कोई मुआवजा मिला और न ही प्रशासन ने मदद की।
उन्होंने आरोप लगाया कि NHAI अधिकारियों, स्थानीय पुलिस, और यहां तक कि लोकनिर्माण मंत्री से भी संपर्क किया, मगर कहीं कोई सुनवाई नहीं हुई।
इस पर मंत्री अनिरुद्ध सिंह ने मौके से ही एसपी सोलन को फोन कर NHAI के खिलाफ एफआईआर दर्ज करने के निर्देश दिए और पीड़ितों को मदद का भरोसा दिलाया। उन्होंने यह भी कहा कि NHAI के कई अधिकारी हिमाचल में अवैध रूप से संपत्तियां खरीद चुके हैं, जिसकी पूरी जानकारी उनके पास है। वे इस पूरे प्रकरण को लेकर केंद्रीय मंत्री नितिन गडकरी से जल्द मुलाकात करेंगे।
मंत्री ने आरोप लगाया कि NHAI के अधिकारी मुआवजे के नाम पर प्रभावितों को गुमराह कर रहे हैं और कोई जवाबदेही नहीं ले रहे। उन्होंने धर्मपुर की उस घटना का भी जिक्र किया जहां एक महिला ने अपने घर के गिरने के बाद आत्महत्या की थी।
अनिरुद्ध सिंह ने कहा कि हिमाचल में प्राकृतिक आपदाओं से अब तक 1000 करोड़ से ज्यादा की संपत्ति का नुकसान हो चुका है, लेकिन केंद्र से कोई राहत नहीं मिली। उन्होंने केंद्र सरकार पर निशाना साधते हुए कहा कि 2023 की आपदा की फाइल तो अब जाकर मंजूर हुई है, लेकिन फंड अभी तक नहीं आया।
ईडी द्वारा छत्तीसगढ़ के पूर्व मुख्यमंत्री भूपेश बघेल के बेटे चैतन्य बघेल की गिरफ्तारी पर भी मंत्री ने मोदी सरकार पर हमला बोला और कहा कि यह राजनीतिक प्रतिशोध है।



