➤ हिमाचल में त्रिस्तरीय पंचायत चुनाव प्रक्रिया शुरू, मतदान केंद्रों के निरीक्षण को रिटर्निंग अधिकारी नियुक्त
➤ पहली बार पंचायत चुनावों में बैलेट बॉक्स पर क्यूआर कोड से होगी पहचान, पारदर्शिता सुनिश्चित
➤ 25 जुलाई तक सभी अधिकारी मतदान केंद्रों में बिजली-पानी व अन्य सुविधाओं का करेंगे जायजा
हिमाचल प्रदेश में त्रिस्तरीय पंचायत चुनाव की प्रक्रिया औपचारिक रूप से आरंभ हो चुकी है। इस बार चुनाव को निष्पक्ष और पारदर्शी बनाने के लिए कई तकनीकी और प्रशासनिक उपाय किए गए हैं। चुनाव प्रक्रिया के तहत सभी ग्राम पंचायतों में मतदान केंद्रों की व्यवस्था सुनिश्चित करने के लिए खंड अधिकारियों को रिटर्निंग अधिकारी नियुक्त किया गया है। इन अधिकारियों को अपने-अपने क्षेत्र के 2,302 मतदान केंद्रों का निरीक्षण करने की जिम्मेदारी सौंपी गई है।
डोडरा क्वार उपमंडल की पंचायतों डोडरा, क्वार, धंदरवाड़ी, जाखा और जिस्कुन में उपमंडल अधिकारी मतदान केंद्रों की सुविधाओं का निरीक्षण करेंगे। 25 जुलाई तक सभी अधिकारी बिजली, पानी, रैंप जैसी मूलभूत सुविधाओं का आंकलन करेंगे। साथ ही, सभी रिटर्निंग अधिकारियों को सहायक रिटर्निंग अधिकारी भी नियुक्त करने के लिए अधिकृत किया गया है।
जिला निर्वाचन अधिकारी अनुपम कश्यप ने निर्देश दिए हैं कि सभी अधिकारी स्वयं जाकर पोलिंग स्टेशनों का निरीक्षण करें और दिव्यांग मतदाताओं, महिलाओं और युवाओं की सुविधा के लिए आवश्यक उपाय करें। इस बार पूर्णतः महिला और युवा द्वारा संचालित मतदान केंद्र भी बनाए जाएंगे।
चुनाव प्रक्रिया के तहत वार्डों का परिसीमन, चुनाव चिह्न तय कर दिए गए हैं और अब अंतिम मतदान सूची का प्रकाशन व रोस्टर जारी किया जाएगा।
इस बार एक खास पहल के तहत, मतपेटियों (बैलेट बॉक्स) की पहचान के लिए पहली बार क्यूआर कोड का उपयोग किया जाएगा। इससे प्रत्येक मतपेटी की अलग और विशिष्ट पहचान सुनिश्चित होगी। करीब 3,800 बैलेट बॉक्स की पेंटिंग, क्यूआर कोडिंग, आयलिंग और मरम्मत का कार्य पूर्ण हो चुका है। मतदान दलों को क्यूआर कोड स्कैन कर मतपेटी जारी की जाएगी, जिससे चुनाव प्रक्रिया में पारदर्शिता और निगरानी क्षमता और बेहतर होगी।



