➤ हिमाचल में आधुनिक तकनीक से बनेंगे टनल और ब्रिज
➤ सड़कों की मरम्मत और डिज़ाइनिंग में होगा IIT रुड़की का सहयोग
➤ हिमाचल को आपदा राहत के 451 करोड़ की पहली किस्त जारी
हिमाचल प्रदेश में भविष्य की आपदाओं से बचाव और बेहतर सड़कीय व्यवस्था के लिए केंद्र सरकार ने कमर कस ली है। भाजपा के राज्यसभा सांसद हर्ष महाजन ने हाल ही में केंद्रीय सड़क परिवहन मंत्री नितिन गडकरी से दिल्ली में शिष्टाचार भेंट की। इस मुलाकात के दौरान उन्होंने हिमाचल प्रदेश में आई प्राकृतिक आपदाओं और उससे हुए भारी नुकसान पर चर्चा की।
हर्ष महाजन ने बताया कि केंद्रीय मंत्री ने उन्हें आश्वासन दिया है कि हिमाचल प्रदेश में टनल और ब्रिज निर्माण के कार्य को गंभीरता से और आधुनिक तकनीक के साथ अंजाम दिया जाएगा। उन्होंने कहा कि पहाड़ी राज्य होने के नाते हिमाचल में टनल और ब्रिजों का अधिकतम उपयोग किया जाएगा ताकि भविष्य में आपदा के समय लोगों को राहत मिल सके। मंडी जिला के पंडोह क्षेत्र में एक टनल का प्रस्ताव स्वीकृत हो चुका है, और जल्द ही उसका कार्य शुरू किया जाएगा।
इस दिशा में IIT रुड़की समेत अन्य विशेषज्ञ संस्थानों को हिमाचल के लिए कंसल्टेंट के रूप में नियुक्त किया गया है। ये संस्थाएं हिमाचल में बनने वाले ब्रिजों और टनल की डिज़ाइन और री-डिज़ाइन का कार्य करेंगी। साथ ही, NHAI की कार्यप्रणाली में बड़ा बदलाव लाकर आधुनिक तकनीकों को अपनाया जाएगा, जिससे हिमाचल की सड़कों को और अधिक मजबूत और टिकाऊ बनाया जा सके।
हर्ष महाजन ने बताया कि हिमाचल में सड़कों को जो भी नुकसान हुआ है, उसकी तुरंत मरम्मत की जाएगी। इसके साथ ही उन्होंने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और गृह मंत्री अमित शाह का आभार जताया कि हिमाचल को समय रहते आपदा राहत के लिए बड़ी सहायता राशि दी गई है। वर्ष 2023 की आपदाओं के लिए केंद्र सरकार की उच्चस्तरीय समिति ने 2006.40 करोड़ रुपये की मंजूरी दी है, जिसकी पहली किस्त के रूप में 451.44 करोड़ रुपये 7 जुलाई 2025 को जारी किए जा चुके हैं।
हर्ष महाजन ने राज्य सरकार से आग्रह किया कि केंद्र से प्राप्त धनराशि का सदुपयोग सुनिश्चित किया जाए और यह राशि वास्तव में प्रभावित लोगों और क्षेत्रों तक पहुँचे। उन्होंने कहा कि हिमाचल की भलाई के लिए केंद्र और राज्य दोनों का पारदर्शी सहयोग आवश्यक है।



