➤ मंडी में बादल फटने से आई बाढ़, तीन की मौत की पुष्टि
➤ मुख्यमंत्री सुक्खू बोले- अब नदियों के किनारे नहीं बनेंगे सरकारी संस्थान
➤ एनएच, सड़कों, बिजली और पानी की आपूर्ति पर पड़ा असर, राहत कार्य जारी
हिमाचल प्रदेश के मंडी जिले में सोमवार रात बादल फटने की दो घटनाओं ने भारी तबाही मचाई है। जेल रोड और हॉस्पिटल रोड इलाकों में अचानक नालों में आई बाढ़ से पानी और मलबा कई घरों में घुस गया, जिससे तीन लोगों की मौत हो गई है। एक व्यक्ति अभी लापता है और एक अन्य घायल हुआ है। राहत एवं बचाव कार्य में पुलिस, एनडीआरएफ और एसडीआरएफ की टीमें जुटी हुई हैं और अब तक लगभग पंद्रह लोगों को सुरक्षित बाहर निकाला जा चुका है।
मुख्यमंत्री सुखविंदर सिंह सुक्खू ने इस घटना को लेकर गहरी चिंता जताई और मंडी में आकर स्थिति की समीक्षा की। उन्होंने कहा कि अब राज्य सरकार आपदा से निपटने के लिए स्थाई नीति बनाएगी, जिसके तहत किसी भी सरकारी संस्थान को नदियों और नालों के 100 से 150 मीटर के दायरे में नहीं बनाया जाएगा। मुख्यमंत्री ने यह भी पुष्टि की कि इस घटना में जानमाल का भारी नुकसान हुआ है और सरकार सभी प्रभावितों की मदद के लिए प्रतिबद्ध है।
मौसम विभाग की रिपोर्ट के अनुसार, सोमवार रात मंडी शहर में 198 मिमी बारिश दर्ज की गई, जो राज्य में सर्वाधिक रही। इसके अलावा पंडोह में 124 मिमी, कटौला में 89 मिमी, देहरा गोपीपुर में 74 मिमी और ऊना, नादौन, बरठीं में 72 मिमी बारिश हुई। मौसम विभाग ने मंगलवार को भारी से बहुत भारी बारिश का ऑरेंज अलर्ट जारी किया है, जबकि 30 जुलाई से 4 अगस्त तक येलो अलर्ट प्रभावी रहेगा।
भारी बारिश के चलते श्री नैना देवी शक्तिपीठ जाने वाले लिंक रोड पर भूस्खलन हो गया है, जिससे श्रद्धालुओं को परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। लोक निर्माण विभाग और प्रशासन की टीमें सड़क को खोलने में जुटी हैं ताकि श्रावण अष्टमी मेले के दौरान मंदिर पहुंचने वाले श्रद्धालुओं को राहत मिल सके।
राज्य आपातकालीन परिचालन केंद्र के अनुसार इस समय हिमाचल प्रदेश में 3 नेशनल हाईवे और 266 सड़कें बंद हैं, जिनमें से तीनों एनएच— एनएच-21, एनएच-154 और एनएच-03 मंडी जिले में स्थित हैं। अकेले मंडी में ही 177 सड़कें, 540 बिजली ट्रांसफार्मर और 39 पेयजल योजनाएं ठप हैं। पूरे राज्य में 649 ट्रांसफार्मर और 98 पेयजल योजनाएं प्रभावित हैं। लोक निर्माण, जलशक्ति और आपदा प्रबंधन विभाग राहत और मरम्मत कार्य में जुटे हैं और एनडीआरएफ को पूरी तरह अलर्ट पर रखा गया है।



