➤ हराबाग के जंगलों में मिले प्राचीन मंदिर के खंडहर और दुर्लभ मूर्तियाँ
➤ गुप्त या रामायणकालीन युग से जुड़ी बताई जा रही हैं मूर्तिकला और शिल्प
➤ संरक्षित किया गया तो बन सकता है शोध, रोजगार और पर्यटन का बड़ा केंद्र
हिमाचल प्रदेश के मंडी जिला के जोगिंदरनगर उपमंडल के हराबाग के जंगलों में हाल ही में प्राचीन मंदिर के खंडहर, दुर्लभ मूर्तियाँ, और विलक्षण शिल्पकला के नमूने मिले हैं, जो हिमाचल की सांस्कृतिक और ऐतिहासिक धरोहर के लिए अत्यंत महत्वपूर्ण माने जा रहे हैं। यह स्थल वर्षों से उपेक्षित पड़ा था और वनस्पति की चादर में ढका हुआ था, लेकिन अब स्थानीय इतिहास प्रेमियों और युवाओं के प्रयासों से यह क्षेत्र ऐतिहासिक चेतना का केंद्र बनता जा रहा है।
मंदिर खंडहरों में प्रयुक्त निर्माण सामग्री, नक्काशी, मूर्तिकला की शैली, और शिल्प की बारीकियां देखकर यह संभावना जताई जा रही है कि यह स्थान संभवतः गुप्त या प्रतिहार काल, या फिर रामायण कालीन इतिहास से जुड़ा हो सकता है। मूर्तियों में कई देवताओं और पौराणिक प्रतीकों के चिन्ह स्पष्ट देखे जा सकते हैं, जिससे इसकी धार्मिक और पुरातात्विक महत्ता और भी बढ़ जाती है।
इस खोज को लेकर जिला परिषद सदस्य विजय भाटिया ने जोगिंदरनगर क्षेत्र के युवाओं के साथ मिलकर एक विस्तृत ज्ञापन तैयार किया और इसे उपमंडल अधिकारी नागरिक मनीष चौधरी के माध्यम से मुख्यमंत्री हिमाचल प्रदेश, उपायुक्त मंडी, और राज्य व केंद्रीय पुरातत्व विभागों को सौंपा है। उन्होंने मांग की है कि इस क्षेत्र को तत्काल संरक्षित धरोहर स्थल घोषित किया जाए और अधिकारिक पुरातात्विक सर्वेक्षण करवाया जाए।
विजय भाटिया ने कहा, “यह केवल ईंट-पत्थर नहीं, हिमाचल की सांस्कृतिक चेतना और आस्था का प्रतीक है। यदि सरकार इस धरोहर को संरक्षित करती है तो यह भविष्य में युवाओं के लिए शोध, रोजगार, और धार्मिक पर्यटन का बड़ा केंद्र बन सकता है।”
उन्होंने आगे यह भी कहा कि “हिमाचल की आध्यात्मिक परंपरा और पुरातनता को सहेजने का यह सुनहरा अवसर है, जिसे गवां देना हमारे इतिहास और संस्कृति के साथ अन्याय होगा।”



