➤ हिमाचल प्रदेश में रात से तेज बारिश, 9 जिलों में भारी बारिश की चेतावनी
➤ मनाली में स्कूल-कॉलेज बंद, 295 सड़कें बाधित और ब्यास नदी उफान पर
➤ मानसून सीजन में अब तक 184 लोगों की मौत, 457 घर पूरी तरह तबाह
हिमाचल प्रदेश में बीती रात से लगातार हो रही भारी बारिश के कारण जनजीवन अस्त-व्यस्त हो गया है। मौसम विभाग ने आज शाम 6 बजे तक हमीरपुर, कांगड़ा, बिलासपुर, कुल्लू, मंडी, शिमला, सिरमौर, सोलन और ऊना जिले में एक-दो स्थानों पर भारी बारिश की चेतावनी जारी की है। इसके अलावा, ऊना, हमीरपुर और बिलासपुर में ऑरेंज अलर्ट जबकि कांगड़ा, मंडी, सोलन और सिरमौर जिले में यलो अलर्ट जारी किया गया है।

शिमला शहर और ढली से फागू के बीच घनी धुंध के कारण विजिबिलिटी 20 मीटर से भी कम हो गई है, जिससे वाहन चालकों को सावधानी बरतने की सलाह दी गई है। मनाली डिवीजन के सभी सरकारी और प्राइवेट स्कूलों तथा आईटीआई में भारी बारिश के चलते आज (सोमवार को) छुट्टी घोषित कर दी गई है। मनाली में ब्यास नदी का जल स्तर भी खतरे के निशान के करीब पहुंच गया है।
प्रदेश में बारिश के कारण 295 सड़कें बंद पड़ी हैं। शिमला के ठियोग-सैंज-चौपाल और छैला-माइपुल-राजगढ़-सोलन सड़क पर एक सेब से लदा ट्रोला फंसने से हाईवे 12 घंटे से बंद है। वहीं, शिमला के पंथाघाटी में रात को हुए लैंडस्लाइड से पंथाघाटी-आईएसबीटी सड़क भी बंद हो गई। इस मानसून सीजन में अब तक 184 लोगों की जान जा चुकी है, जबकि 36 लोग लापता हैं। भूस्खलन और बाढ़ से 457 घर पूरी तरह जमींदोज हो गए हैं और 1192 घरों को आंशिक नुकसान पहुंचा है। सरकारी और निजी संपत्ति को मिलाकर कुल 1714 करोड़ रुपये का नुकसान हो चुका है।



