➤ हिमाचल व उत्तराखंड की सुख-शांति और आपदा मुक्ति के लिए राजभवन में यज्ञ
➤ राज्यपाल ने रक्षा बंधन पर प्रदेशवासियों को दी शुभकामनाएं
➤ एसटी हसन की टिप्पणी पर तीखी प्रतिक्रिया, कहा दूषित मानसिकता को शुद्ध करने की जरूरत
शिमला। प्राकृतिक आपदा की मार झेल रहे हिमाचल प्रदेश और उत्तराखंड की सुख-शांति और आपदा से मुक्ति के लिए शनिवार को राजभवन शिमला में विशेष यज्ञ का आयोजन किया गया। हिमाचल प्रदेश के राज्यपाल शिव प्रताप शुक्ल ने स्वयं इस यज्ञ में भाग लेते हुए भगवान से दोनों राज्यों के लिए राहत और शांति की प्रार्थना की। उन्होंने इस आपदा का ग्रास बने लोगों की आत्मा की शांति के लिए भी आहुति अर्पित की।
राज्यपाल ने कहा कि प्राकृतिक आपदाओं से प्रदेश में भारी नुकसान हुआ है और इसका सामना करने के लिए समाज और सरकार दोनों को सजग रहना होगा। उन्होंने स्पष्ट कहा कि विकास वैज्ञानिक और सोच-समझकर होना चाहिए, क्योंकि अगर लोग नालों और खड्डों के किनारे जाकर बसेंगे, तो नुकसान निश्चित है।
रक्षा बंधन के मौके पर राज्यपाल ने प्रदेशवासियों और देशवासियों को बधाई दी। राजभवन में पहुंची विभिन्न संस्थाओं की महिलाओं ने राज्यपाल को राखी बांधी और उन्होंने सबको रक्षा बंधन की शुभकामनाएं दीं।
इसके साथ ही राज्यपाल ने हिमाचल और उत्तराखंड को लेकर की गई एसटी हसन की विवादित टिप्पणी पर कड़ा पलटवार किया। उन्होंने कहा कि एसटी हसन की भावना दूषित है, क्योंकि देवभूमि हिमाचल और उत्तराखंड में सभी धर्मों का सम्मान होता है और सबके कल्याण की भावना रहती है। ऐसे में उनकी दूषित मानसिकता को शुद्ध करने की आवश्यकता है।



