➤ हिमाचल में भारी बारिश से तबाही, कई सड़कें और योजनाएं बंद
➤ मंडी में व्यक्ति बहा, सुंदरनगर में पेट्रोल पंप ध्वस्त
➤ 11 से 14 अगस्त तक मौसम विभाग का ऑरेंज अलर्ट जारी
हिमाचल प्रदेश में पिछले 24 घंटों के दौरान कई इलाकों में भारी बारिश ने जनजीवन अस्त-व्यस्त कर दिया है। शिमला, मंडी और कांगड़ा जिलों में शनिवार को झमाझम बारिश हुई। वहीं रविवार को भी कई स्थानों में बारिश का माहौल है। मंडी जिले के सरौर में पांगणा खड्ड पार करते समय एक व्यक्ति पानी के तेज बहाव में बह गया, जिसका शव पंप हाउस के पास मिला।
सुंदरनगर के पुंघ में शुक्रवार देर रात हुई तेज बारिश से पेट्रोल पंप ध्वस्त हो गया, हालांकि समय रहते कर्मचारी सुरक्षित निकाल लिए गए।
बारिश और भूस्खलन के चलते प्रदेश में 362 सड़कें बंद हैं। शिमला-कालका राष्ट्रीय राजमार्ग रातभर अवरुद्ध रहा, जबकि चंडीगढ़-मनाली हाईवे 18 घंटे बाद बहाल हुआ। कई जगहों पर सेब तुड़ान रुक गया है और फल-सब्जियां मंडी तक पहुंचाना मुश्किल हो गया है। शनिवार तक प्रदेश में 613 बिजली ट्रांसफार्मर और 520 पेयजल योजनाएं ठप रहीं।
आपदाग्रस्त मंडी जिले में 220 सड़कें, 202 ट्रांसफार्मर और 78 जल आपूर्ति योजनाएं बाधित हैं। कुल्लू जिले में 91 सड़कें, 393 ट्रांसफार्मर और 367 पेयजल स्कीमें बंद हैं। आनी-कुल्लू नेशनल हाईवे-305 फिर से जगह-जगह बंद हो गया है। रामपुर-रोहडू सड़क भी भूस्खलन से 15 घंटे अवरुद्ध रही।
मानसून सीजन में 20 जून से 9 अगस्त तक प्रदेश में 1988 करोड़ रुपये का नुकसान हुआ है। इस दौरान 219 लोगों की मौत हुई, 315 घायल हुए और 37 लोग लापता हैं। बादल फटने, भूस्खलन और बाढ़ से 2,324 घरों-दुकानों और 1,932 गोशालाओं को नुकसान हुआ है, जबकि 1,591 पालतु पशु मारे गए हैं।
मौसम विज्ञान केंद्र शिमला ने 11 से 14 अगस्त तक प्रदेश के कई हिस्सों में भारी बारिश का ऑरेंज अलर्ट जारी किया है।



