➤ कोटखाई के खलटूनाला में बादल फटने से 6 से ज्यादा गाड़ियां मलबे में दबीं
➤ भारी बारिश से 3 नेशनल हाईवे समेत 500 से ज्यादा सड़कें बंद
➤ मानसून सीजन में अब तक 2031 करोड़ का नुकसान, 241 लोगों की मौत
पराक्रम चंद, शिमजा
हिमाचल प्रदेश के ज्यादातर इलाकों में बीती रात भारी बारिश ने कहर बरपा दिया। कोटखाई के खलटूनाला के पीछे पहाड़ियों में रात करीब 12 बजे बादल फटने से नाले में मलबा आ गया, जिससे 6 से ज्यादा गाड़ियां मलबे में दब गईं। पेट्रोल पंप में काम करने वाले कर्मचारी समय रहते वहां से निकलकर अपनी जान बचाने में सफल रहे।

भारी बारिश के अलर्ट को देखते हुए ऊना जिला और कुल्लू के बंजार सब डिवीजन के सभी स्कूलों में आज छुट्टी घोषित कर दी गई। शिमला, कुल्लू, सोलन और सिरमौर जिलों में जगह-जगह लैंडस्लाइड हुए, जिससे 3 नेशनल हाईवे समेत 500 से ज्यादा सड़कें ठप हो गईं। शिमला में रात 2 बजे शुरू हुई मूसलधार बारिश ने लोगों को पूरी रात जागने पर मजबूर कर दिया।

किन्नौर के पूह इलाके में भी बादल फटने के बाद सतलुज नदी का जलस्तर बढ़ गया, जिससे रामपुर बाजार में नदी किनारे बसे घरों को खाली करवाना पड़ा। मौसम विभाग ने चंबा, कांगड़ा और मंडी में ऑरेंज अलर्ट और अन्य जिलों में यलो अलर्ट जारी किया है। कल से वेस्टर्न डिस्टरबेंस में थोड़ी कमजोरी आएगी, लेकिन कई जगहों पर हल्की बारिश जारी रहेगी।
.
राज्य में इस मानसून सीजन के दौरान 2031 करोड़ रुपये की सरकारी व निजी संपत्ति को नुकसान हुआ है। अब तक 241 लोगों की मौत हो चुकी है, जिनमें 33 की मौत लैंडस्लाइड, बाढ़ और बादल फटने जैसी आपदाओं में हुई। 523 घर पूरी तरह जमींदोज, 1682 घर आंशिक क्षतिग्रस्त, 312 दुकानें और 2041 गोशालाएं नष्ट हो चुकी हैं।
हिमाचल प्रदेश के जुब्बल उपमंडल में लगातार हो रही भारी बारिश ने हालात बिगाड़ दिए हैं। बुधवार रात से शुरू हुई मूसलाधार बारिश के कारण कई जगहों पर भूस्खलन और सड़क अवरोध की घटनाएं सामने आई हैं। इससे आम जनजीवन प्रभावित हो गया है और कई संपर्क मार्ग पूरी तरह बाधित हो गए हैं।
स्थिति की गंभीरता को देखते हुए प्रशासन ने एहतियातन बड़ा फैसला लिया है। 14 अगस्त 2025 को जुब्बल उपमंडल के सभी सरकारी व निजी शैक्षणिक संस्थान बंद रखने का आदेश जारी किया गया है। प्रशासन का कहना है कि यह निर्णय किसी भी अनहोनी को रोकने और छात्रों व स्टाफ की सुरक्षा सुनिश्चित करने के लिए लिया गया है।
स्थानीय प्रशासन ने लोगों से अपील की है कि वे खराब मौसम में अनावश्यक यात्रा से बचें और नदी-नालों के पास न जाएं। मौसम विभाग ने भी क्षेत्र में भारी बारिश के चलते रेड अलर्ट जारी किया है। ऐसे में बचाव दल और आपदा प्रबंधन टीमों को अलर्ट पर रखा गया है, ताकि किसी भी आपात स्थिति में तुरंत कार्रवाई की जा सके।



