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टांडा मेडिकल कॉलेज में फर्जी दस्तावेज देकर MBBS में प्रवेश की कोशिश

➤टांडा मेडिकल कॉलेज में फर्जी दस्तावेजों से MBBS में प्रवेश का मामला
➤स्क्रूटनी कमेटी ने दस्तावेजों में गड़बड़ी पाई और कॉलेज को सूचित किया
➤पुलिस ने शिकायत दर्ज की, मामला जांच के लिए सुपुर्द


हिमाचल प्रदेश के कांगड़ा जिले के टांडा मेडिकल कॉलेज में फर्जी दस्तावेजों के जरिए MBBS में प्रवेश लेने का मामला सामने आया है। यह मामला हमीरपुर जिले के धनेटा की रहने वाली छात्रा राशि से जुड़ा है, जिस पर काउंसलिंग के दौरान फर्जी दस्तावेज जमा कराने के आरोप लगे।

कॉलेज के प्रिंसिपल डॉ. मिलाप शर्मा ने बताया कि मंगलवार को चल रही भर्ती प्रक्रिया के दौरान स्क्रूटनी कमेटी को राशि के दस्तावेजों में गड़बड़ी का शक हुआ। छात्रा ने जिस मेरिट नंबर 108 पर प्रवेश का दावा किया था, वह सीट पहले ही मेडिकल यूनिवर्सिटी द्वारा अश्लेष साहनी को आवंटित की जा चुकी थी।

स्क्रूटनी कमेटी ने मामले की गंभीरता को देखते हुए तुरंत जांच शुरू की। कमेटी के नोडल ऑफिसर डॉ. राजेश गोयल के नेतृत्व में डॉ.प्रवीण कुमार, डॉ. सोनिया धीमान, सत्या भूषण, कमल सिंह और गुरुचरण सिंह ने छात्रा के सभी प्रमाण पत्रों की बारीकी से जांच की। जांच में प्रमाण पत्र फर्जी पाए गए, जिसके बाद मामला कॉलेज प्रिंसिपल को सूचित किया गया।

कॉलेज प्रशासन ने तुरंत कार्रवाई करते हुए इस मामले की शिकायत एसएसपी धर्मशाला, डीएसपी कांगड़ा और पुलिस चौकी टांडा में दर्ज करवाई। डीएसपी अंकित शर्मा ने बताया कि शिकायत देर रात मिली और पुलिस मामले की जांच में जुट गई है। अब छात्रा द्वारा दाखिले में किए गए दस्तावेजी धोखाधड़ी के पूरे मामले की पुलिस तह तक जांच कर रही है।