➤ शिमला में कांग्रेस विधायक दल की अहम बैठक, ‘वोट चोर गद्दी छोड़’ आंदोलन पर बनी रणनीति
➤ रजनी पाटिल बोलीं- कांग्रेस संगठन का होगा जल्द गठन, बीजेपी से भी पूछे सवाल
➤ सीएम सुक्खू ने कहा- आंदोलन को ब्लॉक स्तर तक ले जाएंगे, होगा हस्ताक्षर अभियान भी
शिमला में शुक्रवार को हिमाचल कांग्रेस विधायक दल की महत्वपूर्ण बैठक आयोजित हुई। यह बैठक मॉनसून सत्र के बीच हुई और इसे राजनीतिक दृष्टि से बेहद अहम माना जा रहा है। बैठक में मुख्य रूप से ‘वोट चोर, गद्दी छोड़’ आंदोलन और संगठनात्मक ढांचे पर मंथन किया गया। बैठक की अध्यक्षता मुख्यमंत्री सुखविंदर सिंह सुक्खू ने की, जबकि विशेष तौर पर प्रदेश कांग्रेस प्रभारी रजनी पाटिल भी मौजूद रहीं।
बैठक से पहले कांग्रेस विधायक दल होटल पीटर हॉफ में एकजुट हुआ और उसके बाद राजीव भवन, शिमला से इस आंदोलन की औपचारिक शुरुआत की गई। कांग्रेस प्रभारी रजनी पाटिल ने साफ किया कि इस कार्यक्रम को ब्लॉक स्तर तक ले जाया जाएगा, ताकि संगठनात्मक ढांचा मज़बूत हो और हर कार्यकर्ता इसमें सक्रिय भूमिका निभाए। उन्होंने कहा कि कांग्रेस का संगठन पिछले छह माह से भंग है और जल्द ही इसका नया गठन किया जाएगा।
रजनी पाटिल ने भाजपा को भी घेरा और सवाल किया कि जब कांग्रेस से संगठन को लेकर पूछा जाता है तो भाजपा से यह सवाल क्यों नहीं किया जाता कि उन्होंने अब तक अपने राष्ट्रीय अध्यक्ष जगत प्रकाश नड्डा को क्यों नहीं बदला? उन्होंने कहा कि कांग्रेस संगठन का गठन भी शीघ्र होगा और आंदोलन का स्वरूप भी राज्यभर में व्यापक किया जाएगा।
मुख्यमंत्री सुखविंदर सिंह सुक्खू ने बैठक में ऐलान किया कि यह आंदोलन केवल शिमला तक सीमित नहीं रहेगा, बल्कि इसे ब्लॉक स्तर तक ले जाया जाएगा। इसके साथ ही ब्लॉक स्तर पर हस्ताक्षर अभियान भी चलाया जाएगा, ताकि जनता तक “सच” पहुंचाया जा सके। उन्होंने कहा कि अभियान की रूपरेखा तैयार कर ली गई है और इसे जल्द ही पूरे प्रदेश में लागू किया जाएगा।
इस बैठक के बाद साफ हो गया है कि हिमाचल कांग्रेस अब आक्रामक रणनीति अपनाने के मूड में है और आने वाले दिनों में प्रदेश की राजनीति में ‘वोट चोर, गद्दी छोड़’ आंदोलन बड़ा मुद्दा बनेगा।



