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पोंग डैम से छोड़े पानी से तबाही, हिमाचल ने BBMB पर दर्ज करवाई FIR

पोंग डैम से छोड़े गए पानी से कांगड़ा व अन्य क्षेत्रों में भारी नुकसान
मुख्यमंत्री सुक्खू ने BBMB पर लापरवाही का आरोप लगाया, FIR दर्ज
विपक्ष ने सरकार के जवाब से पहले किया सदन से वॉकआउट


हिमाचल प्रदेश विधानसभा के मानसून सत्र में शुक्रवार को पोंग डैम से छोड़े गए पानी का मुद्दा गरमा गया। मुख्यमंत्री सुखविंदर सिंह सुक्खू ने ध्यानाकर्षण प्रस्ताव के जवाब में कहा कि भाखड़ा ब्यास प्रबंधन बोर्ड (BBMB) की लापरवाही से हर साल प्रदेश में करोड़ों का नुकसान हो रहा है। इस बार भी 60 हेक्टेयर जमीन, किसानों की फसलें, 4 घर पूरी तरह क्षतिग्रस्त, 38 गोशालाएं और कई सड़कें जलमग्न हो गईं। 23 परिवारों को सुरक्षित स्थानों पर शिफ्ट करना पड़ा।

सीएम ने कहा कि ऊर्जा निदेशालय ने संसारपुर टैरेस थाने में एफआईआर दर्ज करवाई है और भविष्य में भी BBMB के खिलाफ कड़ी कानूनी कार्रवाई होगी। उन्होंने कहा कि हिमाचल ने पानी दिया, जमीनें खोईं, लोग विस्थापित हुए, लेकिन हक अभी तक नहीं मिला। बार-बार आग्रह करने के बावजूद डैम सिक्योरिटी गाइडलाइंस का पालन नहीं किया जा रहा।

सीएम सुक्खू ने यह भी दोहराया कि सरकार ने सुप्रीम कोर्ट में अपने हक की लड़ाई लड़ी है और सितंबर में इस मामले की सुनवाई तय है। उन्होंने कहा कि BBMB के पास हिमाचल का 4200 करोड़ का एरियर लंबित है, लेकिन केंद्र सरकार और पड़ोसी राज्य अड़चनें डाल रहे हैं।

विधानसभा में इंदौरा के विधायक मलेंद्र राजन और फतेहपुर के विधायक भवानी सिंह पठानिया ने भी अपने क्षेत्रों में हुए नुकसान का मामला उठाया। विपक्ष ने हालांकि आपदा पर चार दिन चली चर्चा का जवाब पूरा सुने बिना ही सदन से वॉकआउट कर दिया।

मुख्यमंत्री ने कहा कि 2023 की आपदा में भी प्रदेश को भारी नुकसान हुआ था, तब 10 हजार हेक्टेयर जमीन जलमग्न हुई थी। सरकार ने उस समय विशेष पैकेज दिया था और इस बार भी आपदा प्रभावितों के लिए राहत पैकेज लागू किया जाएगा। उन्होंने केंद्र से मांग की कि एक बीघा तक की जमीन पर FCA एक्ट की पाबंदी हटाई जाए ताकि राहत व पुनर्वास कार्य तेजी से हो सकें।

विधानसभा के बाद हुई कैबिनेट बैठक में कई अहम फैसले लिए गए। हिमाचल प्रदेश पावर कॉरपोरेशन लिमिटेड (HPTCL) को 957 करोड़ का लोन लेने की अनुमति दी गई, जिसकी गारंटी सरकार देगी। इसके अलावा डिजिटल सिग्नेचर जमाबंदी, एक्साइज, एजुकेशन और राजस्व विभाग से जुड़े संशोधन विधेयक भी पास किए गए।


उपमुख्यमंत्री मुकेश अग्निहोत्री ने कहा कि सुलह के भाजपा विधायक विपिन सिंह परमार जैसे ही मुख्यमंत्री व उन्हें अपने क्षेत्र में आने का न्योता देंगे, हम पेयजल योजना का शुभारंभ कर देंगे। उपमुख्यमंत्री ने कहा कि परमार ने अपने क्षेत्र की जिस योजना का जिक्र किया है, उसका कार्य पूरा हो गया है और टेस्टिंग भी हो गई है।

इससे पहले परमार ने पूछा कि जल शक्ति विभाग में कितने ठेकेदार पंजीकृत हैं। पिछले ढाई साल में कितने ठेकेदार ब्लैक लिस्ट हुए। उप मुख्यमंत्री ने कहा कि परमार खुद विधानसभा अध्यक्ष की कुर्सी को सुशोभित कर चुके हैं। उन्होंने इस सवाल में सारे ब्रह्मांड को शामिल कर दिया है। उपमुख्यमंत्री ने कहा कि जल शक्ति विभाग में 11,143 ठेकेदार विभिन्न श्रेणियों में पंजीकृत हैं। इनमें से ए श्रेणी में 215, बी श्रेणी में 293, सी श्रेणी में 852 और डी श्रेणी में 9783 ठेकेदार हैं। विभाग में पिछले दो वर्षों में 92,619 कार्य विभिन्न श्रेणियों के ठेकेदारों को आवंटित किए गए हैं। इनमें से 74,336 कार्य पूरे किए जा चुके हैं और 18,253 कार्य अधूरे हैं। इन कार्यों पर 6,605 करोड़ रुपये खर्च किए जा रहे हैं। काम पूरा होने के बाद ठेकेदारों को 4,000 करोड़ रुपये जारी कर दिए हैं। प्रदेश में अभी तक 18,253 कार्य पूरे होने हैं और ठेकेदारों को कुल 2477 करोड़ रुपये की पेमेंट करनी है।
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नेरवा में बनेगा नया बस अड्डा, पूर्व सरकार के समय बंद हुए सात रूट


उपमुख्यमंत्री ने कहा कि चौपाल विधानसभा क्षेत्र के नेरवा में नए बस अड्डे का निर्माण किया जाएगा। जमीन का चयन कर लिया गया है। यहां पर एचआरटीसी अपना डीजल पंप भी लगाने जा रहा है। विधायक बलबीर वर्मा के सवाल का जवाब देते हुए मुकेश ने कहा कि चौपाल में पूर्व सरकार के समय में सात बस रूट बंद किए गए थे। तारादेवी और नेरवा डिपो का संचालन इकट्ठा होता है। यहां पर 148 स्वीकृत बसें हैं और इनमें से 121 उपलब्ध हैं, 27 बसों की कमी है। इनमें से 42 बसें नेरवा क्षेत्र में जाती हैं। उन्होंने कहा कि यदि बाकी रूट संचालित करने हैं तो 42 बसों की जरूरत है।

उन्होंने कहा कि निगम नई बसों की खरीद के ऑर्डर दिए हैं और इनके आने पर रूटों को बहाल किया जाएगा। 14 में से 3 रूट में ही बसें नहीं हैं, बाकी में वैकल्पिक बसें हैं। इन रूटों को कवर करने का प्रयास किया जाएगा। विधायक ने कांग्रेस सरकार के समय में 14 बस रूट बंद होने की बात कही। उन्होंने कहा कि खदर-सोलन रूट कमाई वाला था। इसे बंद न किया जाए। जवाब में उपमुख्यमंत्री ने कहा कि इस रूट की कमाई 35 रुपये थी। इसे दोबारा शुरू करने को लेकर अधिकारियों से बात की जाएगी।