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सीएम ने चंबा में हुए नुकसान का किया हवाई सर्वेक्षण, सड़क मार्ग बहाली सरकार की सर्वोच्च प्राथमिकता

➤ मुख्यमंत्री सुक्खू ने चंबा व भरमौर में नुकसान का हवाई सर्वेक्षण किया
➤ मणिमहेश यात्रा में फंसे 600 से ज्यादा श्रद्धालुओं को जल्द घर भेजने के निर्देश
➤ एनएच-154ए समेत अवरुद्ध सड़कों की बहाली पर दिए कड़े निर्देश


हिमाचल प्रदेश के मुख्यमंत्री सुखविंदर सिंह सुक्खू शनिवार को चंबा जिले के भरमौर पहुंचे, जहां उन्होंने आपदा प्रभावित क्षेत्रों का हवाई सर्वेक्षण किया। सीएम ने सबसे पहले पठानकोट से हेलिकॉप्टर में उड़ान भरकर प्रभावित क्षेत्रों का जायजा लिया और प्रभावित परिवारों के लिए राशन भी अपने साथ लेकर पहुंचे।

भरमौर और चंबा में हुए भारी नुकसान को लेकर मुख्यमंत्री ने स्थानीय लोगों से मुलाकात की और उन्हें भरोसा दिलाया कि सरकार हर संभव मदद देगी। सीएम ने अधिकारियों को राहत एवं पुनर्वास कार्य में तेजी लाने के निर्देश दिए। विशेष रूप से उन्होंने कहा कि मणिमहेश यात्रा में अभी भी फंसे  श्रद्धालुओं को जल्द सुरक्षित घर भेजा जाए।

इससे पहले सीएम सुक्खू ने इंदौरा और फतेहपुर विधानसभा क्षेत्र का दौरा किया, जहां उन्होंने पौंग डैम के पानी से हुए नुकसान का भी जायजा लिया।

चंबा पहुंचकर मुख्यमंत्री ने चमेरा स्थित एनएचपीसी भवन में उच्च स्तरीय बैठक की। इसमें PWD मंत्री विक्रमादित्य सिंह, विधायक नीरज नैय्यर, विधायक सुरेश कुमार, और पूर्व मंत्री आशा कुमारी भी शामिल हुए। बैठक में एनएच-154ए चंबा-भरमौर मार्ग और अन्य अवरुद्ध सड़कों की बहाली की स्थिति की समीक्षा की गई।

सीएम ने स्पष्ट कहा कि सड़क मार्ग बहाली सरकार की सर्वोच्च प्राथमिकता है। उन्होंने प्रभावित परिवारों तक राहत सामग्री पहुंचाने और टेलीफोन व मोबाइल नेटवर्क को जल्द से जल्द बहाल करने के आदेश दिए।

चंबा जिला में 24 से 26 जुलाई के बीच हुई मूसलधार बारिश से जनजीवन बुरी तरह प्रभावित हुआ था। रावी नदी ने तबाही मचाई, कई सड़कें टूटीं, संचार व्यवस्था ठप हुई और हजारों लोग घरों से दूर फंसे रहे।

इस दौरे ने साफ कर दिया कि सरकार व्यक्तिगत स्तर पर स्थिति की मॉनिटरिंग कर रही है और आपदा प्रभावितों को राहत पहुंचाने के लिए मुख्यमंत्री स्वयं मैदान में सक्रिय हैं।