➤ बिलासपुर मूल के वैज्ञानिक को विज्ञान एवं इंजीनियरिंग श्रेणी में पद्म श्री
➤ 12 से अधिक उन्नत फसल किस्मों के विकास में अहम योगदान
➤ ICAR, पंतनगर और पूसा में शीर्ष पदों पर दे चुके सेवाएं
शिमला। केंद्र सरकार द्वारा घोषित पद्म पुरस्कारों की सूची में हिमाचल प्रदेश के बिलासपुर से संबंध रखने वाले प्रख्यात कृषि वैज्ञानिक डॉ. प्रेम लाल गौतम का नाम पद्म श्री के लिए शामिल किया गया है। उन्हें विज्ञान एवं इंजीनियरिंग क्षेत्र में उत्कृष्ट योगदान के लिए यह सम्मान दिया जाएगा। औपचारिक सम्मान गणतंत्र दिवस अवसर पर प्रदान किया जाएगा।
12 दिसंबर 1947 को जन्मे डॉ. गौतम ने हिमाचल कृषि कॉलेज, सोलन से स्नातक करने के बाद भारतीय कृषि अनुसंधान संस्थान (IARI), नई दिल्ली से एमएससी और पीएचडी की उपाधि प्राप्त की। वे कृषि आनुवंशिकी और पौध प्रजनन के क्षेत्र के अग्रणी वैज्ञानिकों में गिने जाते हैं।
उन्होंने गेहूं, सोयाबीन, फॉक्सटेल मिलेट, राइस बीन, अमरनाथ और बकव्हीट सहित 12 से अधिक उन्नत फसल किस्मों के विकास में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई, जिससे उत्पादकता और अनुकूलन क्षमता में सुधार हुआ।
डॉ. गौतम ने ICAR में उप महानिदेशक, राष्ट्रीय पादप आनुवंशिक संसाधन ब्यूरो के निदेशक, जीबी पंत कृषि विश्वविद्यालय पंतनगर के कुलपति और पादप प्रजाति संरक्षण एवं कृषक अधिकार प्राधिकरण के अध्यक्ष जैसे प्रमुख पदों पर सेवाएं दी हैं। वर्तमान में वे डॉ. राजेंद्र प्रसाद केंद्रीय कृषि विश्वविद्यालय, पूसा (बिहार) के कुलाधिपति और करियर प्वाइंट यूनिवर्सिटी, हमीरपुर के प्रो-चांसलर हैं।



