Follow Us:

हिमाचल पंचायत चुनाव: 9 बजे तक 18% मतदान: करसोग में लापरवाही, बैलेट पेपर से BDC उम्मीदवार का नाम गायब अब नई डेट पर वोटिंग

हिमाचल की 1293 पंचायतों में पहले चरण की वोटिंग जारी, सुबह 9 बजे तक 18% मतदान

मंडी के करसोग में बीडीसी प्रत्याशी होशियार का नाम बैलेट पेपर से गायब, वोटिंग रोकी गई

113 वर्षीय कूखन देवी समेत बुजुर्गों और युवाओं में मतदान को लेकर भारी उत्साह

करसोग में मतदान कर्मियों की बड़ी लापरवाही:बैलेट पेपर पर BDC उम्मीदवार का नाम नहीं लिखा, अब नई डेट पर वोटिंग

 


हिमाचल प्रदेश में पंचायती राज चुनावों के पहले चरण के लिए मंगलवार सुबह सात बजे से मतदान प्रक्रिया शुरू हो गई। प्रदेश की 1293 पंचायतों में वोटर सुबह से ही मतदान केंद्रों पर पहुंचने लगे। सुबह 9 बजे तक करीब 18 प्रतिशत मतदान दर्ज किया गया। मंडी जिले के करसोग ब्लॉक की पंचायतों में सबसे तेज मतदान देखने को मिला, जहां सुबह नौ बजे तक लगभग 19.88 फीसदी वोटिंग हो चुकी थी।

मंडी में 113 वर्षीय वृद्ध महिला कूखन वोट देने पहुंचीं।

प्रदेशभर में मतदान केंद्रों के बाहर लंबी कतारें लगी रहीं। युवा, महिलाएं और बुजुर्ग लोकतंत्र के इस महापर्व में बढ़-चढ़कर हिस्सा लेते नजर आए। मंडी में 113 वर्षीय वृद्ध महिला कूखन देवी भी मतदान करने पोलिंग बूथ पहुंचीं, जिन्होंने लोगों को मतदान के प्रति जागरूक करने का संदेश दिया।

इन चुनावों में कुल 18 लाख 23 हजार 30 मतदाता अपने मताधिकार का प्रयोग कर अगले पांच वर्षों के लिए गांव की नई सरकार चुनेंगे। इनमें 9 लाख 23 हजार 215 पुरुष मतदाता, 8 लाख 99 हजार 766 महिला मतदाता और 49 अन्य मतदाता शामिल हैं।

इसी बीच मंडी जिले के करसोग से चुनावी प्रक्रिया में बड़ी लापरवाही सामने आई है। यहां बीडीसी प्रत्याशी होशियार सिंह का नाम बैलेट पेपर से गायब पाया गया, जिसके बाद मतदान प्रक्रिया रोकनी पड़ी। घटना के बाद मतदान केंद्र पर अफरा-तफरी का माहौल बन गया और चुनाव आयोग की कार्यप्रणाली पर सवाल खड़े होने लगे। प्रत्याशी समर्थकों और स्थानीय लोगों ने इस पर कड़ी नाराजगी जताई है। प्रशासन मामले की जांच में जुट गया है।

पंचायत चुनाव में प्रत्येक मतदाता पांच वोट डालेगा। इनमें प्रधान, उपप्रधान, वार्ड सदस्य, पंचायत समिति सदस्य (बीडीसी) और जिला परिषद सदस्य के लिए मतदान किया जा रहा है। प्रधान, उपप्रधान और वार्ड सदस्य के वोट एक ही बैलेट बॉक्स में डाले जा रहे हैं, जबकि बीडीसी और जिला परिषद के लिए अलग मतपेटियां रखी गई हैं।

दोपहर तीन बजे मतदान समाप्त होने के बाद प्रधान, उपप्रधान और वार्ड सदस्य पदों की मतगणना पंचायत भवनों में शुरू होगी। अधिकांश पंचायतों में शाम पांच बजे तक नतीजे घोषित होने की संभावना है। हालांकि दुर्गम क्षेत्रों में परिणाम आने में कुछ देरी हो सकती है।

पंचायत समिति सदस्य (बीडीसी) और जिला परिषद सदस्य पदों की मतगणना 31 मई को होगी। मतदान समाप्त होने के बाद इन पदों की मतपेटियों को स्ट्रॉन्ग रूम में सुरक्षित रखा जाएगा।

निर्वाचन आयोग ने चुनाव प्रक्रिया को शांतिपूर्ण और निष्पक्ष तरीके से संपन्न कराने के लिए व्यापक सुरक्षा इंतजाम किए हैं। संवेदनशील और अति संवेदनशील मतदान केंद्रों पर अतिरिक्त पुलिस बल तैनात किया गया है।