हिमाचल की 1293 पंचायतों में पहले चरण का मतदान शांतिपूर्ण ढंग से संपन्न
दून और हरौली में हंगामे की घटनाएं, अर्की में युवक की मौत से सनसनी
करीब 67 फीसदी मतदान के बाद प्रधान, उपप्रधान और वार्ड सदस्य पदों की मतगणना शुरू
हिमाचल Pradesh में पंचायती राज चुनाव के पहले चरण के तहत मंगलवार को 1293 पंचायतों में मतदान प्रक्रिया पूरी हो गई। प्रदेशभर में मतदान को लेकर लोगों में भारी उत्साह देखने को मिला और सुबह से ही मतदान केंद्रों के बाहर लंबी कतारें लगी रहीं। हालांकि ऊना के हरौली और दून विधानसभा क्षेत्र के शीतलपुर में कुछ जगहों पर हंगामे और बहस की घटनाएं सामने आईं, लेकिन कुल मिलाकर मतदान शांतिपूर्ण ढंग से संपन्न हुआ।

मतदान खत्म होने के बाद अब पंचायत प्रधान, उपप्रधान और वार्ड सदस्य पदों के लिए मतगणना शुरू हो गई है। कई पंचायतों में देर शाम तक परिणाम आने की संभावना है। वहीं बीडीसी और जिला परिषद सदस्यों के मतों की गिनती 31 मई को की जाएगी।

राज्य निर्वाचन आयोग के अनुसार पहले चरण में कुल 18 लाख 23 हजार 30 मतदाताओं में से लगभग 67 फीसदी लोगों ने अपने मताधिकार का प्रयोग किया। कांगड़ा जिला में सबसे अधिक 68.08 प्रतिशत मतदान दर्ज किया गया। आयोग का कहना है कि फील्ड से अंतिम रिपोर्ट आने के बाद मतदान प्रतिशत में और बढ़ोतरी हो सकती है।

प्रदेश के कई इलाकों में बुजुर्गों और पहली बार वोट डालने वाले युवाओं में खास उत्साह देखा गया। ग्रामीण क्षेत्रों में सुबह से ही मतदान केंद्रों पर लोगों की भीड़ जुटनी शुरू हो गई थी।

इस बीच सोलन जिला के अर्की उपमंडल के दाड़लाघाट क्षेत्र में पंचायत चुनाव के दौरान एक दुखद घटना भी सामने आई। बताया जा रहा है कि शराब पार्टी के दौरान चुनावी बहस ने हिंसक रूप ले लिया। आरोप है कि विवाद बढ़ने पर कुनाल नामक युवक ने अश्वनी को बालकनी से धक्का दे दिया, जिससे वह नीचे गिर गया। गंभीर हालत में उसे अस्पताल पहुंचाया गया, जहां डॉक्टरों ने उसे मृत घोषित कर दिया। पुलिस ने मामला दर्ज कर जांच शुरू कर दी है।

वहीं कुछ क्षेत्रों में फर्जी वोट डालने और चुनावी नियमों के उल्लंघन के आरोप भी लगे हैं। दून क्षेत्र में पूर्व मंत्री के रिश्तेदार पर फर्जी मतदान कराने के आरोपों को लेकर भी विवाद गरमा गया। पुलिस और प्रशासन ने मामले की जांच शुरू कर दी है।

निर्वाचन आयोग ने कहा है कि चुनाव प्रक्रिया को निष्पक्ष और पारदर्शी बनाए रखने के लिए सभी जरूरी सुरक्षा इंतजाम किए गए थे। संवेदनशील और अति संवेदनशील मतदान केंद्रों पर अतिरिक्त पुलिस बल तैनात किया गया था।



