Follow Us:

हिमाचल पंचायत चुनाव में रिकॉर्ड मतदान, 80 फीसदी से ज्यादा लोगों ने डाले वोट

हिमाचल पंचायत चुनाव के तीसरे चरण में रिकॉर्ड 80.14 फीसदी मतदान दर्ज

सिरमौर में सबसे अधिक 84.83 फीसदी और मंडी-लाहौल स्पीति में सबसे कम 71.05 फीसदी वोटिंग

प्रधान और उपप्रधान पदों की मतगणना जारी, जिप-बीडीसी के नतीजे आज आएंगे


हिमाचल प्रदेश पंचायत चुनाव के तीसरे और अंतिम चरण में मतदाताओं ने लोकतंत्र के इस महापर्व में बढ़-चढ़कर हिस्सा लिया। राज्यभर में रिकॉर्ड 80.14 प्रतिशत मतदान दर्ज किया गया, जिसने एक बार फिर साबित कर दिया कि ग्रामीण हिमाचल में लोकतांत्रिक प्रक्रियाओं के प्रति लोगों का भरोसा और उत्साह लगातार मजबूत हो रहा है।

शनिवार को 1189 पंचायतों में मतदान प्रक्रिया शांतिपूर्ण ढंग से संपन्न हुई। सुबह से ही मतदान केंद्रों पर मतदाताओं की लंबी कतारें देखने को मिलीं। युवाओं, महिलाओं और बुजुर्गों ने बड़ी संख्या में मतदान कर पंचायतों की सरकार चुनने में अपनी भागीदारी निभाई।

इस बार सबसे अधिक मतदान सिरमौर जिला में दर्ज किया गया, जहां 84.83 प्रतिशत मतदाताओं ने अपने मताधिकार का प्रयोग किया। इसके बाद कुल्लू जिला में 84.66 प्रतिशत मतदान हुआ। वहीं मंडी और लाहौल-स्पीति जिलों में सबसे कम 71.05 प्रतिशत मतदान दर्ज किया गया।

राज्य निर्वाचन आयोग के आंकड़ों के अनुसार बिलासपुर में 79.86 प्रतिशत, चंबा में 79.86 प्रतिशत, हमीरपुर में 76.17 प्रतिशत, कांगड़ा में 76.92 प्रतिशत, किन्नौर में 79.67 प्रतिशत, शिमला में 82.74 प्रतिशत, सोलन में 83.84 प्रतिशत और ऊना में 78.87 प्रतिशत मतदान हुआ।

इससे पहले 26 मई को हुए पहले चरण में करीब 79 प्रतिशत और 28 मई को हुए दूसरे चरण में लगभग 80 प्रतिशत मतदान दर्ज किया गया था। लगातार तीनों चरणों में भारी मतदान प्रतिशत ने स्पष्ट कर दिया है कि पंचायत चुनावों को लेकर ग्रामीण क्षेत्रों में व्यापक उत्साह रहा।

मतदान के दौरान कई प्रेरणादायक तस्वीरें भी सामने आईं। बिलासपुर जिले की नघियार पंचायत में चलने-फिरने में असमर्थ एक बुजुर्ग मतदाता को ग्रामीणों ने पालकी में उठाकर मतदान केंद्र तक पहुंचाया, ताकि वह अपने मताधिकार का प्रयोग कर सकें। इस तस्वीर ने लोकतंत्र के प्रति लोगों की जागरूकता और सम्मान को दर्शाया।

वहीं केंद्रीय स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण मंत्री जगत प्रकाश नड्डा भी अपने पैतृक गांव पहुंचे और मतदान किया। प्रदेश के विभिन्न हिस्सों में सुबह से लेकर दोपहर तक मतदान केंद्रों पर भारी भीड़ देखने को मिली।

अब अधिकांश पंचायतों में प्रधान, उपप्रधान और वार्ड सदस्य पदों के लिए मतगणना जारी है और कई स्थानों पर नतीजे आने भी शुरू हो गए हैं। हालांकि जिला परिषद (जिप) और ब्लॉक विकास समिति (बीडीसी) सदस्यों के लिए डाले गए मतों की गणना रविवार सुबह से शुरू होगी। इन परिणामों पर प्रदेशभर की नजरें टिकी हुई हैं क्योंकि पंचायतों के साथ-साथ जिला और ब्लॉक स्तर की राजनीति की दिशा भी इन्हीं नतीजों से तय होगी।

राजनीतिक दृष्टि से भी यह चुनाव बेहद महत्वपूर्ण माना जा रहा है। पंचायत चुनावों के परिणाम आगामी वर्षों में प्रदेश की राजनीतिक रणनीतियों और जमीनी समीकरणों को प्रभावित कर सकते हैं। ऐसे में सभी दलों और प्रत्याशियों की नजर अब मतगणना पर टिकी हुई है।