➤ भट्टाकुफर के सरस्वती पैराडाइज स्कूल परिसर में महिला की गोली मारकर हत्या
➤ स्कूल के अधिकार और संपत्ति विवाद को लेकर लंबे समय से चल रहा था पारिवारिक संघर्ष
➤ पुलिस ने विशेष टीमें गठित कर शुरू की आरोपियों की तलाश
शिमला के भट्टाकुफर स्थित सरस्वती पैराडाइज स्कूल परिसर में शनिवार शाम हुई एक सनसनीखेज हत्या ने पूरे क्षेत्र को स्तब्ध कर दिया है। स्कूल के अधिकार और संपत्ति विवाद को लेकर लंबे समय से चर्चा में रही मनीषा मित्तल की अज्ञात हमलावरों ने गोली मारकर हत्या कर दी। वारदात के बाद इलाके में दहशत का माहौल है, जबकि पुलिस ने मामले की जांच तेज कर दी है।
प्राप्त जानकारी के अनुसार मनीषा मित्तल (41), पत्नी डॉ. सुभाष यादव, मूल रूप से हरियाणा के रेवाड़ी की निवासी थीं। शनिवार शाम वह कुछ घरेलू सामान और दूध लेकर स्कूल परिसर में लौट रही थीं। इसी दौरान घात लगाकर बैठे अज्ञात हमलावरों ने उन पर ताबड़तोड़ फायरिंग कर दी। प्रारंभिक जानकारी के अनुसार महिला को तीन गोलियां लगीं, जिससे उनकी मौके पर ही मौत हो गई।
घटना के बाद पूरे क्षेत्र में अफरा-तफरी मच गई। स्थानीय लोगों ने तुरंत पुलिस को सूचना दी। सूचना मिलते ही पुलिस और फोरेंसिक टीम मौके पर पहुंची तथा घटनास्थल को सुरक्षा घेरे में लेकर साक्ष्य जुटाने शुरू कर दिए। पुलिस ने आसपास के क्षेत्रों में नाकेबंदी कर संदिग्धों की तलाश शुरू कर दी है।
सूत्रों के अनुसार हमलावर पंजाब नंबर की गाड़ी में सवार होकर आए थे। वारदात को अंजाम देने के बाद आरोपी मौके से फरार हो गए। पुलिस अब सीसीटीवी फुटेज, तकनीकी साक्ष्यों और अन्य सुरागों के आधार पर आरोपियों तक पहुंचने का प्रयास कर रही है।
इस हत्याकांड की पृष्ठभूमि भी काफी विवादित रही है। मनीषा मित्तल लंबे समय से स्वयं को स्कूल के संस्थापक परिवार की उत्तराधिकारी बताते हुए संस्थान में हिस्सेदारी और अधिकार की मांग कर रही थीं। उन्होंने अपने भाई हिमांक मित्तल पर स्कूल से जुड़े दस्तावेजों में अनियमितता, फर्जीवाड़ा, संपत्ति पर कब्जा करने की कोशिश, डराने-धमकाने और करोड़ों रुपये के लोन लेने जैसे गंभीर आरोप लगाए थे।
कुछ समय पहले मनीषा मित्तल ने सोशल मीडिया के माध्यम से भी अपनी बात सार्वजनिक की थी। उन्होंने वीडियो जारी कर आरोप लगाया था कि उनके माता-पिता के सपनों से जुड़े इस शैक्षणिक संस्थान का संचालन सही तरीके से नहीं किया जा रहा है। उन्होंने जिला प्रशासन से मांग की थी कि विवाद के समाधान तक स्कूल में प्रशासक नियुक्त किया जाए अथवा संस्थान को सरकारी नियंत्रण में लिया जाए।
बताया जा रहा है कि स्कूल हरियाणा के एक कारोबारी परिवार से जुड़ा हुआ है। पिता के निधन के बाद स्कूल की संपत्ति और संचालन को लेकर भाई-बहन के बीच विवाद लगातार गहराता गया। इस मामले को लेकर विभिन्न न्यायिक और प्रशासनिक स्तरों पर कानूनी प्रक्रियाएं भी चल रही थीं।
शिमला पुलिस द्वारा जारी प्रेस नोट में कहा गया है कि सूचना मिलते ही पुलिस टीम घटनास्थल पर पहुंची और सभी आवश्यक कानूनी औपचारिकताएं शुरू कर दी गईं। हत्या का मामला दर्ज करने की प्रक्रिया शुरू कर दी गई है तथा घटना के हर पहलू की गहन जांच की जा रही है।
पुलिस ने अभियुक्तों की पहचान और गिरफ्तारी के लिए विशेष जांच टीमें गठित की हैं। आसपास के क्षेत्रों से सीसीटीवी फुटेज जुटाए जा रहे हैं और तकनीकी विश्लेषण भी किया जा रहा है। फिलहाल पुलिस ने हत्या के कारणों या किसी संभावित आरोपी के संबंध में कोई आधिकारिक निष्कर्ष साझा नहीं किया है। जांच पूरी होने के बाद ही पूरे घटनाक्रम की वास्तविक तस्वीर सामने आ सकेगी।



