➤ मुख्यमंत्री सुक्खू ने केंद्रीय मंत्री मनोहर लाल खट्टर से मुलाकात कर जलविद्युत परियोजनाओं में मुफ्त बिजली रॉयल्टी बढ़ाने की मांग उठाई
➤ बैरा-स्यूल परियोजना में हिमाचल की हिस्सेदारी 50 प्रतिशत करने और 7,784 करोड़ रुपये ऊर्जा बकाया जारी करने का आग्रह
➤ कांगड़ा एयरो सिटी, हिम चंडीगढ़ और शहरी विकास परियोजनाओं के लिए भी मांगी वित्तीय सहायता
नई दिल्ली/शिमला। हिमाचल प्रदेश के मुख्यमंत्री सुखविंद्र सिंह सुक्खू ने मंगलवार को केंद्रीय ऊर्जा, आवास एवं शहरी मामलों मंत्री मनोहर लाल खट्टर से मुलाकात कर राज्य से जुड़े कई महत्वपूर्ण मुद्दों को जोरदार तरीके से उठाया। बैठक में जलविद्युत परियोजनाओं की रॉयल्टी, ऊर्जा बकाया भुगतान और विभिन्न विकास परियोजनाओं के लिए वित्तीय सहायता प्रमुख विषय रहे।
मुख्यमंत्री ने केंद्रीय सार्वजनिक क्षेत्र की जलविद्युत परियोजनाओं में हिमाचल प्रदेश को मिलने वाली मुफ्त बिजली रॉयल्टी बढ़ाने की मांग रखी। उन्होंने कहा कि जिन परियोजनाओं की प्रारंभिक 12 वर्ष की अवधि पूरी हो चुकी है, उनमें राज्य को वर्तमान 12 प्रतिशत मुफ्त बिजली से अधिक हिस्सा दिया जाना चाहिए।
बैठक में 180 मेगावाट बैरा-स्यूल जलविद्युत परियोजना का मुद्दा भी प्रमुखता से उठाया गया। मुख्यमंत्री ने बताया कि परियोजना के 44 वर्ष पूरे हो चुके हैं और अब राज्य की मुफ्त बिजली हिस्सेदारी को बढ़ाकर 50 प्रतिशत किया जाना चाहिए।
मुख्यमंत्री सुक्खू ने भाखड़ा ब्यास प्रबंधन बोर्ड (BBMB) से जुड़े लंबे समय से लंबित ऊर्जा बकाया भुगतान का मामला भी केंद्रीय मंत्री के समक्ष रखा। उन्होंने कहा कि इन परियोजनाओं के निर्माण के दौरान हिमाचल के लोगों को विस्थापन और पर्यावरणीय प्रभावों का सामना करना पड़ा था। राज्य सरकार ने 31 अक्तूबर 2011 तक के 13,066 मिलियन यूनिट ऊर्जा बकाया का भुगतान छह प्रतिशत ब्याज सहित करने की मांग रखी है।
मुख्यमंत्री के अनुसार ब्याज सहित यह राशि अब लगभग 7,784 करोड़ रुपये तक पहुंच चुकी है। उन्होंने केंद्र से इस राशि के शीघ्र भुगतान के लिए हस्तक्षेप करने का आग्रह किया।
बैठक में शानन जलविद्युत परियोजना पर हिमाचल प्रदेश के अधिकारों का मुद्दा भी उठाया गया। मुख्यमंत्री ने राज्य के हितों की रक्षा के लिए केंद्र सरकार से सहयोग मांगा।
ऊर्जा क्षेत्र के अलावा मुख्यमंत्री ने कांगड़ा में प्रस्तावित एयरो सिटी और हिम चंडीगढ़ परियोजना के लिए भी वित्तीय सहायता की मांग की। उन्होंने बताया कि राज्य सरकार ने अर्बन चैलेंज फंड के तहत 24 शहरी निकायों के लिए 1,179 करोड़ रुपये की परियोजनाएं तैयार की हैं, जिनमें से 660 करोड़ रुपये की परियोजनाएं केंद्र सरकार को भेजी जा चुकी हैं।
इसके साथ ही मुख्यमंत्री ने क्लीन हिली एंड हिमालयन सिटीज इनिशिएटिव के तहत 12.33 करोड़ रुपये तथा अमृत योजना के लंबित 64.45 करोड़ रुपये जारी करने का अनुरोध भी किया।
बैठक में मुख्य सचिव के.के. पंत, मुख्यमंत्री के प्रधान सलाहकार राम सुभग सिंह और ऊर्जा निदेशक राकेश प्रजापति भी उपस्थित रहे। इस मुलाकात को हिमाचल के ऊर्जा और विकास हितों के लिए महत्वपूर्ण माना जा रहा है।



