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18 हजार फीट ऊंचे माउंट बी.सी. रॉय शिखर पर तिरंगा फहराने वाली हिमाचल की बेटी नहीं रहीं, सड़क हादसे में मौत

मंडी की NCC कैडेट डुमेश कुमारी की सड़क हादसे में मौत

18 हजार फीट ऊंचे माउंट बी.सी. रॉय शिखर पर फहराया था तिरंगा

महाविद्यालय और NCC संगठन में शोक की लहर, दी गई श्रद्धांजलि


हिमाचल प्रदेश के मंडी जिले से एक दुखद खबर सामने आई है। वल्लभ राजकीय महाविद्यालय मंडी की एनसीसी आर्मी विंग की प्रतिभाशाली कैडेट डुमेश कुमारी का सड़क दुर्घटना में असामयिक निधन हो गया। उनके निधन की खबर से महाविद्यालय, एनसीसी संगठन और पूरे क्षेत्र में शोक की लहर दौड़ गई है। डुमेश ने अपने साहस, अनुशासन और उत्कृष्ट उपलब्धियों से न केवल महाविद्यालय बल्कि प्रदेश का नाम भी राष्ट्रीय स्तर पर रोशन किया था।

डुमेश कुमारी हाल ही में पश्चिम बंगाल के दार्जिलिंग स्थित हिमालयन माउंटेनियरिंग इंस्टीट्यूट (HMI) द्वारा आयोजित एडवांस माउंटेनियरिंग कोर्स सफलतापूर्वक पूरा कर लौटी थीं। इस दौरान उन्होंने करीब 18 हजार फीट ऊंचे माउंट बी.सी. रॉय शिखर पर तिरंगा फहराकर एक बड़ी उपलब्धि हासिल की थी। उनकी इस सफलता को लेकर महाविद्यालय और एनसीसी संगठन में विशेष उत्साह था।

अपने साहसिक कारनामों और नेतृत्व क्षमता के कारण डुमेश कुमारी को एनसीसी की एक उभरती हुई प्रतिभा माना जाता था। पर्वतारोहण और साहसिक गतिविधियों में उनकी विशेष रुचि थी। उन्होंने कठिन प्रशिक्षण और चुनौतियों का सामना करते हुए कई उपलब्धियां अपने नाम की थीं।

महाविद्यालय के मीडिया समन्वयक एवं एनसीसी एयर विंग के फ्लाइट कमांडर फ्लाइंग ऑफिसर डॉ. चमन लाल क्रांति सिंह ने डुमेश को एक अनुशासित, मेहनती और प्रेरणादायी कैडेट बताया। उन्होंने कहा कि डुमेश का समर्पण और कार्यशैली अन्य कैडेटों के लिए हमेशा प्रेरणा का स्रोत रहेगी।

वहीं महाविद्यालय के प्राचार्य डॉ. संजीव कुमार ने कहा कि डुमेश ने अपनी उपलब्धियों से यह साबित किया कि ग्रामीण परिवेश से आने वाली बेटियां भी राष्ट्रीय स्तर पर बड़ी सफलता हासिल कर सकती हैं। उनका जीवन संघर्ष, मेहनत और देशभक्ति का उदाहरण था।

गोहर क्षेत्र के गांव सलोग, डाकघर बस्सी की रहने वाली डुमेश कुमारी बी.ए. तृतीय वर्ष की छात्रा थीं। उनके आकस्मिक निधन पर महाविद्यालय में शोक सभा आयोजित की गई, जिसमें एनसीसी एयर विंग और आर्मी विंग के कैडेटों, शिक्षकों, कर्मचारियों तथा सैकड़ों विद्यार्थियों ने दो मिनट का मौन रखकर उन्हें श्रद्धांजलि अर्पित की।

महाविद्यालय परिवार और एनसीसी अधिकारियों ने शोक संतप्त परिवार के प्रति गहरी संवेदनाएं व्यक्त करते हुए कहा कि डुमेश कुमारी का साहस, समर्पण, नेतृत्व क्षमता और राष्ट्रप्रेम हमेशा युवाओं को प्रेरित करता रहेगा। उनकी उपलब्धियां आने वाली पीढ़ियों के लिए प्रेरणा का स्रोत बनी रहेंगी।