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टांडा मेडिकल कॉलेज में सजा राष्ट्रीय चिकित्सा सम्मेलन, चिकित्सा अनुसंधान और नवाचार पर टांडा में मंथन, आरएस बाली रहे मुख्य अतिथि

टांडा मेडिकल कॉलेज में राष्ट्रीय चिकित्सा सम्मेलन ‘मेडएसेंड 2026-2.0’ का भव्य आयोजन

मुख्य अतिथि आरएस बाली ने डाइनिंग हॉल के लिए नए फर्नीचर की घोषणा की

बिहार और जम्मू-कश्मीर सहित कई राज्यों के मेडिकल छात्रों ने लिया भाग


कांगड़ा। डॉ. राजेंद्र प्रसाद राजकीय मेडिकल कॉलेज एवं अस्पताल, टांडा में रविवार को वार्षिक स्नातक चिकित्सा सम्मेलन ‘मेडएसेंड 2026-2.0’ का भव्य आयोजन किया गया। राष्ट्रीय स्तर के इस सम्मेलन में देश के विभिन्न राज्यों से आए युवा चिकित्सकों, मेडिकल छात्रों और चिकित्सा विशेषज्ञों ने भाग लेकर चिकित्सा क्षेत्र में हो रहे नवीनतम शोध, नवाचार और तकनीकी विकास पर विचार-विमर्श किया।

कार्यक्रम में हिमाचल प्रदेश पर्यटन विकास निगम (एचपीटीडीसी) के अध्यक्ष एवं नगरोटा बगवां के विधायक आरएस बाली मुख्य अतिथि के रूप में शामिल हुए। मेडिकल कॉलेज पहुंचने पर संस्थान के प्रबंधन, फैकल्टी सदस्यों और युवा डॉक्टरों ने उनका गर्मजोशी से स्वागत किया। इस दौरान आरएस बाली ने मेडिकल कॉलेज के डाइनिंग हॉल के आधुनिकीकरण के लिए नया फर्नीचर उपलब्ध करवाने की महत्वपूर्ण घोषणा भी की, जिसे विद्यार्थियों और संस्थान के लिए बड़ी सौगात माना जा रहा है।

सम्मेलन को संबोधित करते हुए आरएस बाली ने कहा कि मेडएसेंड 2026-2.0 जैसे आयोजन चिकित्सा क्षेत्र में अनुसंधान, नवाचार और ज्ञान के आदान-प्रदान के लिए अत्यंत महत्वपूर्ण मंच साबित हो रहे हैं। उन्होंने कहा कि चिकित्सा विज्ञान लगातार तेजी से विकसित हो रहा है और हर दिन नई तकनीकें तथा उपचार पद्धतियां सामने आ रही हैं। ऐसे सम्मेलनों के माध्यम से युवा चिकित्सकों को नवीनतम शोध और आधुनिक चिकित्सा पद्धतियों की जानकारी प्राप्त होती है, जिससे उनकी पेशेवर क्षमता और अधिक मजबूत होती है।

उन्होंने कहा कि इस प्रकार के कार्यक्रम केवल चिकित्सा ज्ञान तक सीमित नहीं होते, बल्कि युवा डॉक्टरों के व्यक्तित्व विकास, नेतृत्व क्षमता और समाज के प्रति उनकी जिम्मेदारियों को भी नई दिशा देते हैं। गुणवत्तापूर्ण और सुलभ स्वास्थ्य सेवाएं उपलब्ध कराने के लिए ऐसे शैक्षणिक आयोजनों की भूमिका बेहद महत्वपूर्ण है।

टांडा मेडिकल कॉलेज में आयोजित यह प्रतिष्ठित सम्मेलन दूसरी बार आयोजित किया गया, जिसने संस्थान की राष्ट्रीय स्तर पर पहचान को और मजबूत किया है। सम्मेलन में हिमाचल प्रदेश के विभिन्न मेडिकल कॉलेजों के विद्यार्थियों के अलावा बिहार और जम्मू-कश्मीर के कई चिकित्सा संस्थानों से भी छात्र, शोधार्थी और युवा चिकित्सक पहुंचे। विभिन्न तकनीकी और शैक्षणिक सत्रों में प्रतिभागियों ने चिकित्सा क्षेत्र से जुड़े शोध पत्र प्रस्तुत किए और स्वास्थ्य सेवाओं की चुनौतियों तथा भविष्य की संभावनाओं पर चर्चा की।

कार्यक्रम में टांडा मेडिकल कॉलेज के कार्यवाहक प्राचार्य डॉ. धीरज कपूर, स्टूडेंट वेलफेयर ऑफिसर डॉ. राजीव गोयल, डॉ. मंजू, डॉ. मोनिका सहित चिकित्सा जगत के कई वरिष्ठ चिकित्सक, फैकल्टी सदस्य और सैकड़ों मेडिकल छात्र मौजूद रहे। सम्मेलन के दौरान चिकित्सा शिक्षा, शोध और स्वास्थ्य सेवाओं को बेहतर बनाने के लिए विभिन्न विषयों पर विशेषज्ञों ने अपने विचार साझा किए।

इस सफल आयोजन ने न केवल युवा डॉक्टरों को सीखने और अपने अनुभव साझा करने का अवसर दिया, बल्कि टांडा मेडिकल कॉलेज को राष्ट्रीय स्तर पर चिकित्सा शिक्षा और अनुसंधान के एक प्रमुख केंद्र के रूप में भी स्थापित करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई।