➤ किन्नौर कैलाश यात्रा अगले आदेश तक स्थगित, प्रशासन का बड़ा फैसला
➤ ग्लेशियर, भूस्खलन और अस्थिर चट्टानों के खतरे के चलते यात्रा पर रोक
➤ श्रद्धालुओं से फिलहाल यात्रा न करने और प्रशासन के निर्देश मानने की अपील
रिकांगपिओ/किन्नौर। हिमाचल प्रदेश की प्रसिद्ध किन्नौर कैलाश यात्रा-2026 को जिला प्रशासन ने अगले आदेश तक स्थगित कर दिया है। प्रशासन ने तीर्थयात्रियों की सुरक्षा को सर्वोच्च प्राथमिकता देते हुए यह निर्णय लिया है। विशेष टोही दल की रिपोर्ट में यात्रा मार्ग पर ग्लेशियर, अस्थिर चट्टानों, भूस्खलन और लगातार बढ़ते जोखिम की पुष्टि होने के बाद यात्रा फिलहाल रोक दी गई है। प्रशासन ने श्रद्धालुओं से अपील की है कि वे अगले आदेश तक किन्नौर कैलाश यात्रा पर जाने की योजना न बनाएं।
जिला प्रशासन के अनुसार 12 जून को राजस्व, बागवानी, जनजातीय विकास एवं जन शिकायत निवारण मंत्री जगत सिंह नेगी की अध्यक्षता में आयोजित उच्च स्तरीय बैठक में यात्रा मार्ग की सुरक्षा को लेकर विस्तृत समीक्षा की गई थी। बैठक के बाद मार्ग की वास्तविक स्थिति का आकलन करने के लिए वन विभाग और स्थानीय प्रशासन की निगरानी में एक विशेष टोही दल गठित किया गया। इस दल ने 21 जून को पूरे यात्रा मार्ग का निरीक्षण कर विस्तृत रिपोर्ट प्रशासन को सौंपी।
टोही दल की रिपोर्ट में कई गंभीर खतरे सामने आए हैं। रिपोर्ट के अनुसार मिलिंग खाटा से शिवलिंग तक बड़े ग्लेशियर मौजूद हैं, जिनके ऊपर भारी और अस्थिर चट्टानें लगातार खतरा पैदा कर रही हैं। वहीं गुफा से सोरंग के बीच कई स्थानों पर चट्टानें गिरने से यात्रा मार्ग क्षतिग्रस्त और अत्यंत असुरक्षित हो गया है। लगातार बढ़ते तापमान के कारण बर्फ तेजी से पिघल रही है, जिससे भूस्खलन और चट्टानें गिरने की आशंका पहले से अधिक बढ़ गई है। विशेष रूप से मिलिंग खाटा से पवित्र गुफा तक का पूरा मार्ग अत्यधिक जोखिम वाला माना गया है।
प्रशासन का कहना है कि वर्तमान परिस्थितियों में यात्रा शुरू करना न केवल श्रद्धालुओं बल्कि राहत एवं बचाव दलों के लिए भी गंभीर खतरा पैदा कर सकता है। इसलिए सुरक्षा को ध्यान में रखते हुए यात्रा को अगले आदेश तक स्थगित करने का निर्णय लिया गया है। मार्ग पूरी तरह सुरक्षित घोषित होने के बाद ही यात्रा दोबारा शुरू करने पर अंतिम फैसला लिया जाएगा।
उपायुक्त डॉ. अमित कुमार शर्मा ने सभी श्रद्धालुओं से अपील की है कि वे प्रशासन की ओर से जारी दिशा-निर्देशों का पालन करें और अगले आदेश तक किन्नौर कैलाश यात्रा पर जाने का प्रयास न करें। उन्होंने कहा कि श्रद्धालुओं की सुरक्षा प्रशासन की पहली प्राथमिकता है और मौसम व मार्ग की स्थिति सामान्य होने के बाद ही आगे की सूचना जारी की जाएगी।
हाल के दिनों में प्रदेश के कई पर्वतीय क्षेत्रों में लगातार हो रही बारिश, ग्लेशियर पिघलने और भूस्खलन की घटनाओं के चलते प्रशासन लगातार सतर्कता बरत रहा है। ऐसे में श्रद्धालुओं से भी अपील की गई है कि वे किसी भी तरह की अफवाहों पर विश्वास न करें और केवल प्रशासन द्वारा जारी आधिकारिक सूचनाओं के आधार पर ही अपनी यात्रा की योजना बनाएं।



