➤108–102 एम्बुलेंस कर्मचारियों ने शोषण का आरोप लगाया
➤वेतन कटौती और PF-ESI में धांधली का गंभीर मामला सामने आया
➤सरकार व NHM से कर्मचारियों को न्याय दिलाने की मांग उठी
कांगड़ा/शिमला। हिमाचल प्रदेश में आपातकालीन स्वास्थ्य सेवाओं की रीढ़ माने जाने वाली 108–102 एम्बुलेंस सेवा के कर्मचारियों ने अपनी समस्याओं और शोषण के खिलाफ आवाज बुलंद की है। कर्मचारियों का कहना है कि वे दिन-रात मानव सेवा में जुटे रहते हैं, लेकिन बदले में उन्हें वेतन कटौती, बुनियादी सुविधाओं में हेराफेरी और कंपनी की मनमानी झेलनी पड़ रही है।
कर्मचारियों ने बताया कि चार साल से निजी कंपनी नियमों की अनदेखी करते हुए उनके हक पर डाका डाल रही है। पहले जहां 30 दिन की ड्यूटी के लिए ₹15,400 वेतन दिया जाता था, अब वही ड्यूटी ₹13,000 में कराई जा रही है। इसके अलावा आरोप है कि PF और ESI जैसी सुविधाओं को लेकर गंभीर अनियमितताएं सामने आई हैं। कई कर्मचारियों के फर्जी PF खाते खोले गए हैं और सैलरी स्लिप में गड़बड़ी कर वेतन में कटौती की जा रही है।
एम्बुलेंस चालक और EMT को महीने में 1800 किलोमीटर तक वाहन चलाना पड़ता है, लेकिन उनके श्रम और जोखिम के अनुपात में वेतन बेहद कम है। कर्मचारियों ने सरकार और राष्ट्रीय स्वास्थ्य मिशन (NHM) से आग्रह किया है कि उनकी आवाज सुनी जाए और स्थिति में सुधार किया जाए।
कर्मचारियों की प्रमुख मांगें हैं:
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उन्हें सरकारी मानकों के अनुरूप वेतन और सुविधाएं दी जाएं।
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PF और ESI की स्थिति को पारदर्शी बनाया जाए।
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दोषी कंपनी पर नियमानुसार कार्रवाई हो।
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सभी कर्मचारियों को न्यूनतम मजदूरी सुनिश्चित की जाए।
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कर्मचारियों को NHM के अधीन लाया जाए।
उन्होंने चेताया कि यह केवल उनका मसला नहीं बल्कि सेवा, सम्मान और मानवता का प्रश्न है। कर्मचारियों ने सरकार और NHM से मांग की है कि इस गंभीर मामले में तुरंत संज्ञान लेकर दोषियों पर कड़ी कार्रवाई की जाए।



