➤ नगरोटा में 25 जुलाई से शुरू होगा दो दिवसीय मेगा रोजगार मेला, 50 कंपनियां करेंगी इंटरव्यू
➤ लक्ष्य 5000 युवाओं को नौकरी दिलाना, 26 जुलाई को मेगा मेडिकल कैंप भी आयोजित
➤ स्व. जीएस बाली की स्मृति में 185 लोगों ने किया रक्तदान, आरएस बाली ने जताया आभार
नगरोटा बगवां के राजकीय डिग्री कॉलेज में 25 जुलाई से दो दिवसीय मेगा रोजगार मेले का आयोजन किया जा रहा है। यह मेला स्वर्गीय विकास पुरुष जीएस बाली की स्मृति में आयोजित हो रहे बाल मेला 2025 का अहम हिस्सा है। पर्यटन विकास निगम के अध्यक्ष आरएस बाली ने जानकारी दी कि इस रोजगार मेले में देश–विदेश की 50 नामी कंपनियां भाग लेंगी और 5000 से अधिक युवाओं का चयन किया जाएगा।
आरएस बाली ने युवाओं से इस सुनहरे अवसर का लाभ उठाने की अपील की है। उन्होंने बताया कि इस मेले में पीएनजी, वर्धमान, महिंद्रा सोनालिका, एचडीएफसी, सिक्योरिटी एजेंसियों सहित कई कंपनियां हिस्सा लेंगी। मेले का शुभारंभ उद्योग, संसदीय कार्य और श्रम मंत्री हर्षवर्धन चौहान करेंगे।
26 जुलाई को नगरोटा सीनियर सेकेंडरी स्कूल में विशाल मेगा मेडिकल कैंप का आयोजन किया जाएगा, जिसमें टांडा मेडिकल कॉलेज, एम्स दिल्ली, पीजीआई चंडीगढ़, फॉर्टिस, आईआईटी दिल्ली और मारंडा रोटरी हॉस्पिटल से डॉक्टरों की टीम आएगी। इस कैंप में हजारों लोगों का मुफ्त स्वास्थ्य परीक्षण, दवाइयां, नजर के चश्मे, कानों की मशीन, और दिव्यांगजनों को सहायक उपकरण प्रदान किए जाएंगे। आरएस बाली ने लोगों से इस शिविर में भाग लेने की अपील की है।
बाल मेला 2025 के तहत 26 जुलाई को ऐतिहासिक गांधी मैदान में स्कूलों और संस्थानों द्वारा सांस्कृतिक कार्यक्रम होंगे, वहीं 27 जुलाई को झूले, ऊंट, घोड़े की सवारी, जलेबी, आइसक्रीम आदि के स्टॉल, और पंजाब के प्रसिद्ध गायक कुलविंदर बिल्ला के लाइव शो से समापन होगा।
इससे पहले, 24 जुलाई को स्वर्गीय जीएस बाली के जन्मदिवस पर नगरोटा के ओबीसी भवन में विशाल रक्तदान शिविर का आयोजन किया गया, जिसमें 185 लोगों ने रक्तदान किया। कार्यक्रम का शुभारंभ पूर्व राज्यसभा सांसद विप्लव ठाकुर ने किया। आरएस बाली ने रक्तदानियों का आभार जताते हुए कहा कि यह बाल मेला केवल आयोजन नहीं बल्कि सेवा और समर्पण की मिसाल है।
उन्होंने कहा, “बाल मेला मेरे पूज्य पिता जीएस बाली की नगरोटा और हिमाचल के लोगों के प्रति निष्ठा और प्यार का जीवंत प्रमाण है।” उन्होंने बताया कि बाल मेले में आने वाला हर व्यक्ति कहीं न कहीं उनके पिता से जुड़ा अनुभव लेकर आता है, जो बताता है कि उन्होंने दिलों में क्या जगह बनाई।



