➤ बाबा बालक नाथ मंदिर का प्रसाद अब घर बैठे मिलेगा
➤ इंडिया पोस्ट के जरिए देश-विदेश तक पहुंचेगा ऑनलाइन प्रसाद
➤ जुलाई से सेवा शुरू करने की तैयारी, हिमाचल का पहला मंदिर बनेगा मिसाल
हिमाचल प्रदेश के विश्व प्रसिद्ध सिद्धपीठ बाबा बालक नाथ मंदिर, दियोटसिद्ध से जुड़े करोड़ों श्रद्धालुओं के लिए बड़ी खुशखबरी है। अब जो श्रद्धालु किसी कारणवश मंदिर नहीं पहुंच पाते, वे घर बैठे ऑनलाइन प्रसाद मंगा सकेंगे। बाबा बालक नाथ मंदिर ट्रस्ट पहली बार इंडिया पोस्ट के सहयोग से ऑनलाइन प्रसाद वितरण सेवा शुरू करने जा रहा है। इस सुविधा के शुरू होने के बाद देश ही नहीं, बल्कि विदेशों में रहने वाले श्रद्धालुओं तक भी बाबा का प्रसाद सीधे उनके घर पहुंचाया जाएगा।
मंदिर ट्रस्ट के अनुसार श्रद्धालु बाबा बालक नाथ मंदिर की आधिकारिक वेबसाइट पर जाकर ऑनलाइन ऑर्डर कर सकेंगे। ऑर्डर मिलने के बाद इंडिया पोस्ट के माध्यम से प्रसाद उनके घर तक पहुंचाया जाएगा। इस विशेष प्रसाद पैकेज में पांच रोट, पवित्र जल, अखंड धूने की विभूति, चांदी की सिंघी, धूप और पवित्र सिंदूर शामिल रहेगा। फिलहाल प्रसाद पैकेज की अंतिम कीमत तय की जानी बाकी है, जिसे ट्रस्ट की मंजूरी के बाद घोषित किया जाएगा।
यह सुविधा तिरुपति बालाजी, माता वैष्णो देवी और जगन्नाथ पुरी मंदिरों की तर्ज पर शुरू की जा रही है। खास बात यह है कि हिमाचल प्रदेश के किसी भी शक्तिपीठ में अब तक इस प्रकार की ऑनलाइन प्रसाद वितरण सेवा शुरू नहीं हुई है। ऐसे में बाबा बालक नाथ मंदिर ट्रस्ट इस पहल की शुरुआत करने वाला प्रदेश का पहला मंदिर ट्रस्ट बनने जा रहा है।
योजना को अंतिम रूप देने के लिए मंदिर ट्रस्ट के आयुक्त एवं उपायुक्त हमीरपुर गंधर्वा राठौड़ की अध्यक्षता में कई दौर की बैठकें आयोजित की जा चुकी हैं। इंडिया पोस्ट के अधिकारियों के साथ भी इस संबंध में विस्तृत चर्चा हो चुकी है। अब ट्रस्ट प्रसाद तैयार करने के लिए वेंडर का चयन करेगा, जिसके बाद इंडिया पोस्ट के साथ औपचारिक समझौता किया जाएगा। ट्रस्ट का लक्ष्य जुलाई माह में इस सेवा को शुरू करना है।
बाबा बालक नाथ मंदिर देश-विदेश में बसे करोड़ों श्रद्धालुओं की आस्था का प्रमुख केंद्र है। हर वर्ष चैत्र मास के मेलों में लाखों श्रद्धालु बाबा के दर्शन के लिए दियोटसिद्ध पहुंचते हैं, जबकि पूरे साल में यहां आने वाले श्रद्धालुओं की संख्या करीब एक करोड़ तक पहुंच जाती है। नई सुविधा शुरू होने के बाद ऐसे श्रद्धालु, जो दूरी, स्वास्थ्य या अन्य कारणों से मंदिर नहीं पहुंच पाते, वे भी बाबा का प्रसाद घर बैठे प्राप्त कर सकेंगे। इससे श्रद्धालुओं की आस्था को नई सुविधा के साथ जोड़ने की दिशा में बड़ा कदम माना जा रहा है।



