➤ पूर्व वन मंत्री ठाकुर सिंह भरमौरी का भटियात से चुनाव लड़ने का ऐलान
➤ पुत्र अमित भरमौरी को भरमौर से उतारने की तैयारी
➤ पार्टी नेताओं और मंत्री पर गंभीर आरोप, कहा टकराने वालों को छठी का दूध याद दिला दूंगा
हिमाचल प्रदेश कांग्रेस में एक और बगावत का बिगुल बज गया है। प्रदेश के वरिष्ठ नेता और पूर्व वन मंत्री ठाकुर सिंह भरमौरी ने रविवार को खुले मंच से ऐलान कर दिया कि वह आगामी विधानसभा चुनाव में भटियात से मैदान में उतरेंगे। यही नहीं, भरमौरी ने संकेत दिया कि उनके पुत्र अमित भरमौरी को भरमौर से चुनाव लड़ाया जाएगा।
यह फैसला न सिर्फ कांग्रेस के भीतर नई सिरदर्दी पैदा करेगा, बल्कि चंबा की राजनीति में समीकरण पूरी तरह बदल सकता है। भरमौरी का आरोप है कि मौजूदा नेतृत्व ने उनके इलाके में ऐसे व्यक्ति को बढ़ावा देना शुरू कर दिया है जो पांच बार पार्टी बदल चुका है। उन्होंने नाराजगी जताते हुए कहा कि इस व्यक्ति का नाम उद्घाटन और शिलान्यास पट्टिकाओं पर डलवाया जा रहा है, जबकि वह खुद लंबे समय से जनता के बीच काम कर रहे हैं।
भरमौरी यहीं नहीं रुके। उन्होंने कैबिनेट मंत्री जगत सिंह नेगी पर भी निशाना साधा और आरोप लगाया कि वे भाजपा समर्थकों को मदद कर रहे हैं। उनका दावा है कि सचिवालय में एक आईएएस अधिकारी, किसी खास व्यक्ति के कहने पर भरमौर के प्रशासनिक अधिकारियों पर दबाव बना रहा है।
जनसभा में बोलते हुए भरमौरी का तेवर बेहद तीखा था। उन्होंने कहा —
“जो भी मुझसे टकराएगा, उसे छठी का दूध याद दिला दूंगा।”
राजनीतिक विश्लेषकों का मानना है कि भरमौरी के इस कदम से कांग्रेस को चंबा जिले में डबल मोर्चा झेलना पड़ सकता है — एक तरफ संगठन के अंदर का असंतोष और दूसरी तरफ विपक्ष का सीधा मुकाबला। खासकर भटियात में उनकी एंट्री मौजूदा समीकरणों को पूरी तरह पलट सकती है।
भरमौरी का राजनीतिक सफर चार दशकों से ज्यादा पुराना है और वे चंबा की राजनीति में मजबूत जनाधार रखते हैं। इसीलिए उनका यह ऐलान केवल चुनावी दांव नहीं, बल्कि कांग्रेस नेतृत्व के लिए एक स्पष्ट चेतावनी भी माना जा रहा है।



