➤ कर्ण नंदा, संदीपनी और त्रिलोक कपूर ने पूर्व मुख्यमंत्री शांता कुमार से की भेंट
➤ शांता कुमार बोले- 2014 के बाद राजनीति की दिशा बदली
➤ जातिवाद, परिवारवाद और तुष्टिकरण की जगह परफॉर्मेंस की राजनीति का दौर
धर्मशाला में भाजपा के वरिष्ठ नेता एवं पूर्व मुख्यमंत्री शांता कुमार से पार्टी नेताओं ने भेंट की। इस अवसर पर प्रदेश मीडिया संयोजक कर्ण नंदा, वरिष्ठ प्रवक्ता त्रिलोक कपूर और प्रवक्ता संदीपनी भारद्वाज उनके निवास पर पहुंचे। नेताओं ने शांता कुमार से मार्गदर्शन प्राप्त किया और नव दायित्व पर उनका आशीर्वाद लिया।
इस मौके पर शांता कुमार ने स्वतंत्र भारत की 1947 से अब तक की राजनीतिक यात्रा पर अपने विचार साझा किए। उन्होंने कहा कि आज़ादी के शुरुआती तीन दशकों के बाद से ही राजनीति में जातिवाद, परिवारवाद और तुष्टिकरण ने जनता के जनादेश को प्रभावित करना शुरू कर दिया था। साथ ही, भ्रष्टाचार ने देश की प्रगति रोक दी और लोकतांत्रिक व्यवस्था को कमजोर किया।
उन्होंने कहा कि इन सबके चलते लंबे समय तक देश में स्थिर सरकारें और ठोस नीतियां लागू नहीं हो पाईं। लेकिन वर्ष 2014 में नरेंद्र मोदी जी के प्रधानमंत्री बनने के बाद राजनीति की दिशा बदली। शांता कुमार ने कहा कि अब देश में परफॉर्मेंस आधारित राजनीति का दौर है।
उन्होंने यह भी कहा कि पिछले 11 वर्षों में देश में आंतरिक व बाहरी सुरक्षा मजबूत हुई, इंफ्रास्ट्रक्चर का नया युग आया और भ्रष्टाचार पर सख्त नीतियां बनाई गईं। लंबे समय की स्थिरता ने विकास की नई राह खोली। शांता कुमार के अनुसार, आज हर भारतीय के मन में यह विश्वास है कि भारत का भविष्य उज्ज्वल है।



