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सिक्किम लैंडस्लाइड में शहीद हुए लांस नायक मनीष ठाकुर की पार्थिव देह अब तक हिमाचल नहीं पहुंच पाई
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पोस्टमॉर्टम के बाद आज ढाई बजे एयरक्राफ्ट से पार्थिव देह लाई जा रही है, रात तक चंडीगढ़ पहुंचने की संभावना
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तीन महीने पहले हुई थी शादी, घर पर अंतिम दर्शन के बाद राजकीय सम्मान से अंतिम संस्कार किया जाएगा
Martyr Manish Thakur: सिक्किम में भारी बारिश और भूस्खलन के बीच लांस नायक मनीष ठाकुर (27) की शहादत के बाद भी उनका पार्थिव शरीर उनके पैतृक गांव बड़ाबन (जिला सिरमौर, हिमाचल प्रदेश) अब तक नहीं पहुंच सका है। बीते सोमवार को खराब मौसम और बर्फबारी के कारण सिक्किम में पोस्टमॉर्टम प्रक्रिया में देरी हुई, जिसके चलते मंगलवार को दोपहर बाद सेना के विमान से पार्थिव देह को रवाना किया गया। सेना के अनुसार, इसी विमान में बरेली (उत्तर प्रदेश) के एक अन्य शहीद जवान का पार्थिव शरीर भी लाया जा रहा है, जिसे पहले वहां उतारा जाएगा।
इसके बाद लांस नायक मनीष ठाकुर का पार्थिव शरीर चंडीगढ़ लाया जाएगा, जहां रात 8 बजे तक के पहुंचने की संभावना है। सैनिक कल्याण बोर्ड के डिप्टी डायरेक्टर (रिटायर्ड मेजर) दीपक धवन के अनुसार, बुधवार सुबह पार्थिव देह को चंडीगढ़ से नाहन सड़क मार्ग से लाया जाएगा। बड़ाबन गांव में अंतिम दर्शन के लिए पार्थिव शरीर को कुछ देर रखा जाएगा और फिर राजकीय सम्मान के साथ अंतिम संस्कार किया जाएगा।

मनीष ठाकुर की शहादत की खबर से पूरे इलाके में शोक की लहर है। ग्रामीण, रिश्तेदार, और प्रशासनिक अधिकारी उनके घर पहुंचकर परिजनों को सांत्वना दे रहे हैं।
15 जनवरी 1998 को जन्मे मनीष ठाकुर, 12वीं कक्षा के बाद 15 सितंबर 2016 को भारतीय सेना में भर्ती हुए थे। उनकी शादी तीन महीने पहले 6 मार्च 2025 को तनु देवी से हुई थी। शादी के बाद वह 10 अप्रैल को ड्यूटी पर लौटे थे। दुखद यह है कि शहादत से तीन दिन पहले मनीष ने अपनी मां और पत्नी से फोन पर आखिरी बार बात की थी, और अब तिरंगे में लिपटी उनकी पार्थिव देह लौट रही है।
मनीष ठाकुर अपने पीछे पत्नी तनु देवी, पिता जोगिंदर सिंह, मां किरण बाला और एक छोटे भाई को छोड़ गए हैं।



