➤अब खुदाई से पहले ‘सीबीयूडी’ ऐप पर सूचना देना अनिवार्य
➤मंडी में अधिकारियों को एप इस्तेमाल का दिया जाएगा प्रशिक्षण
विपलव सकलानी, मंडी
भूमिगत केबल और पाइपलाइन को क्षति से बचाने के लिए अब हिमाचल प्रदेश के मंडी ज़िले में खुदाई कार्यों से पहले ‘सीबीयूडी’ (Call Before u Dig) एप पर सूचना देना अनिवार्य कर दिया गया है। इस निर्णय की घोषणा उपायुक्त अपूर्व देवगन ने मंडी में आयोजित एक बैठक के दौरान की, जिसमें विभिन्न विभागों, निर्माण एजेंसियों और संबंधित हितधारकों ने भाग लिया।
उपायुक्त ने बताया कि भारत सरकार की दूरसंचार विभाग द्वारा आरंभ की गई यह डिजिटल पहल भूमिगत आधारभूत संरचनाओं की सुरक्षा सुनिश्चित करने के लिए अहम कदम है। मंडी में अब तक लोक निर्माण विभाग द्वारा केवल तीन और केंद्रीय संस्थानों द्वारा 48 सूचनाएं ही सीबीयूडी एप पर दर्ज की गई हैं, जो बहुत कम है। उन्होंने कहा कि सभी विभागों और निर्माण एजेंसियों को सीबीयूडी एप का प्रशिक्षण दिया जाएगा, ताकि भविष्य में कोई भी खुदाई कार्य बिना सूचना के न हो।
इसके साथ ही आम जनता को भी इस एप के प्रयोग के लिए जन-जागरूकता अभियान के ज़रिए प्रशिक्षित किया जाएगा, जिससे यह सुनिश्चित किया जा सके कि हर प्रकार की खुदाई कार्य सुरक्षित और नियमों के अनुरूप हों।

क्या है ‘सीबीयूडी’ ऐप?
‘सीबीयूडी’ एप दूरसंचार विभाग, भारत सरकार की एक इनोवेटिव योजना है। इसका उद्देश्य है—खुदाई करने से पहले उस क्षेत्र की भूमिगत संरचनाओं की जानकारी प्राप्त करना। एप में खुदाई का स्थान व विवरण भरने पर संबंधित विभागों को स्वतः सूचना मिल जाती है, जिससे वे अपने ढांचे की सुरक्षा के लिए आवश्यक दिशा-निर्देश दे सकते हैं।
बिना सूचना खुदाई करना अब दंडनीय अपराध
बैठक में एचपीएलएसए ग्रामीण निदेशक चंद्रभान यादव ने बताया कि दूरसंचार अधिनियम 2023 के तहत बिना सूचना के खुदाई करना अब अपराध है। यदि किसी के कारण भूमिगत केबल को नुकसान पहुँचता है, तो तीन वर्ष की जेल, दो करोड़ तक जुर्माना या दोनों सजा हो सकती है। यदि आर्थिक नुकसान हुआ है, तो उसकी भरपाई भी दोषी से ही की जाएगी।
बैठक में जिला विकास अधिकारी ग्रामीण गोपी चंद पाठक, जिला राजस्व अधिकारी हरीश शर्मा, डीएसपी दिनेश कुमार, डीजीएम बीएसएनएल अनिल महंत सहित अन्य अधिकारी उपस्थित रहे। कई अधिकारी वर्चुअल रूप से भी जुड़े।



