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क्‍या बचाव कार्य नाकाफी! भरमौर के विधायक जनकराज ने लगाई सेना, हेलीकॉप्टर और एनडीआरएफ की मदद की गुहार

चंबा और भरमौर पूरी तरह से देश-दुनिया से कटे, सड़कें टूटी, नेटवर्क बंद
मणिमहेश यात्रा पर रोक, 3000 श्रद्धालु सुरक्षित लौटे, 7000 अभी भी फंसे
डॉ. जनक राज बोले- खाने-पीने की सुविधा नहीं, सरकार ने हाथ खड़े कर दिए



हिमाचल प्रदेश के चंबा जिले में भारी बारिश और भूस्खलन ने तबाही मचाई है। भरमौर उपमंडल पूरी तरह से देश-दुनिया से कट चुका है। जगह-जगह सड़कें टूट गई हैं और दूरसंचार सेवाएं ठप हो गई हैं। हालात इतने बिगड़ चुके हैं कि लोग अपनी गाड़ियां छोड़कर पैदल रास्ता पकड़ने को मजबूर हो गए हैं।

मणिमहेश यात्रा के दौरान हजारों श्रद्धालु पहाड़ी मार्गों पर फंसे हुए हैं। प्रशासन की ओर से यात्रा को रोक दिया गया है। अब तक 3000 श्रद्धालु सुरक्षित लौटे हैं, लेकिन करीब 7000 लोग अभी भी मार्गों में फंसे हुए हैं। जिला चंबा में अब तक 11 लोगों की मौत की पुष्टि हुई है।

⚠️ Manimahesh Yatra Suspended ⚠️
In Chamba, road & communication have been affected. Restoration work is in progress.

📞 Helpline: 9816698166, 01899-226950/51/52/53
Toll-Free: 1070

प्रशासन ने यात्रियों की जानकारी के लिए हेल्पलाइन नंबर जारी किए हैं। वहीं, स्थानीय लोग और परिजन अपने अपनों की सुरक्षा को लेकर चिंतित हैं।

इस बीच डॉ. जनक राज, विधायक भरमौर, ने सरकार और प्रशासन पर सवाल खड़े किए हैं। उन्होंने कहा कि हजारों लोग बिना खाने-पीने की सुविधा के फंसे हुए हैं। चार दिन से प्रशासन से संपर्क नहीं हो पा रहा है। लोगों की जान खतरे में है और सरकार ने आपदा की घड़ी में हाथ खड़े कर दिए हैं। उन्होंने कहा कि वह स्वयं भरमौर रवाना हो रहे हैं और यदि हेलीकॉप्टर सेवा नहीं मिली तो सड़क मार्ग से जाएंगे।

उन्होंने केंद्र और राज्य सरकार से अपील की कि फंसे हुए लोगों को सुरक्षित निकालने के लिए सेना, हेलीकॉप्टर और एनडीआरएफ की मदद तुरंत ली जाए।

3 बसों में लगभग 150 मणिमहेश श्रद्धालुओं को जांघी से पठानकोट के लिए भेज रहे हैं। 100 के लगभग बसों में बैठ गए हैं। श्रद्धालुओं की डिटेल बसों में बनाई जा रही है।

 


जिला चंबा के भरमौर में में प्रसिद्ध मणिमहेश यात्रा चली हुई है पिछले चार दिनों से मोबाइल नेटवर्क बंद था जिससे यात्रा में गए यात्रियों के घर वालों का कांटेक्ट उनके परिवार के लोगो के साथ नहीं हो रहा था जिससे वह चिंतित हो रहे थे।भरमौर में भी मणिमहेश यात्रा में गए लोग भूस्खलन और मार्ग बाधित होने के कारण जगह जगह फंस गए हैं। चंबा में अब तक 11 लोगों की मौत हो चुकी है।यात्रा पर रोक लगा दी गई है। मणिमहेश से 3000 लोग वापस लौटे आए हैं, जबकि 7000 तीर्थ यात्री अभी भी फंसे हुए हैं।
DC चंबा मुकेश रैप्सवाल