-
पहलगाम आतंकी हमले से पहले ड्रोन से हुई रेकी, चाइनीज तकनीक पर शक
-
भारत सरकार ने 16 पाकिस्तानी यूट्यूब चैनलों पर लगाया बैन
-
प्रधानमंत्री मोदी और रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह के बीच सुरक्षा बैठक तय
Pahalgam attack drone surveillance: 22 अप्रैल को पहलगाम की बैसरन घाटी में हुए भयावह आतंकी हमले में 26 टूरिस्टों की मौत हो गई थी। हमले के बाद से जम्मू-कश्मीर में आतंकवाद के खिलाफ कार्रवाई तेज कर दी गई है। अब तक 10 आतंकियों के घरों को ध्वस्त किया जा चुका है। राष्ट्रीय जांच एजेंसी (NIA) इस हमले की गहन जांच कर रही है। सूत्रों के मुताबिक, आतंकियों ने हमले से पहले ड्रोन के जरिए इलाके की रेकी की थी और इस काम में चाइनीज ड्रोन का इस्तेमाल हुआ होने की आशंका है।
एजेंसियों को यह भी शक है कि हथियारों की आपूर्ति के लिए भी ड्रोन का सहारा लिया गया। हमले के बाद इनपुट मिले हैं कि आतंकी पुलवामा या अनंतनाग की ओर भागे हो सकते हैं, क्योंकि उन इलाकों में संदिग्ध गतिविधियां देखी गईं थीं।
इधर, भारत सरकार ने सोमवार को 16 पाकिस्तानी यूट्यूब चैनलों पर बैन लगा दिया है। इनमें डॉन न्यूज, समा टीवी और जिओ न्यूज जैसे प्रमुख नाम शामिल हैं। सरकार का आरोप है कि ये चैनल भारत और उसकी सुरक्षा एजेंसियों के खिलाफ झूठी और भ्रामक खबरें फैला रहे थे। यह कदम गृह मंत्रालय की सिफारिश पर उठाया गया है।
इस दौरान, देश की सुरक्षा व्यवस्था को लेकर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह के बीच एक महत्वपूर्ण बैठक भी होने जा रही है। राजनाथ सिंह प्रधानमंत्री के आवास पहुंच चुके हैं।
उधर, जम्मू-कश्मीर विधानसभा में सोमवार को एक विशेष सत्र बुलाया गया, जिसमें पहलगाम हमले के शहीदों को श्रद्धांजलि दी गई। वहीं, सुरक्षा एजेंसियों ने 15 आतंकियों के ठिकानों पर छापेमारी की है। बताया गया है कि ये ठिकाने उन आतंकियों से जुड़े हैं जो PoK से ऑपरेट कर रहे हैं और जिनका पहलगाम हमले से संबंध हो सकता है।
हमले के बाद पाकिस्तान की ओर से सीजफायर उल्लंघन भी लगातार जारी है। रविवार देर रात और सोमवार तड़के पाकिस्तानी सेना ने LoC पर फायरिंग की, जिसका भारतीय सेना ने मुंहतोड़ जवाब दिया।



