➤ सीएम सुखविंदर सिंह सुक्खू 1 अगस्त को दिल्ली रवाना होंगे, दो-तीन दिन वहीं रहेंगे
➤ वन भूमि पर घर बनाने की मांग उठा सकते हैं, आपदा से प्रभावितों को राहत दिलाना मकसद
➤ कांग्रेस हाईकमान व पीएम से मुलाकात के साथ मंत्री पद पर सुंदर ठाकुर की ताजपोशी की चर्चा
हिमाचल प्रदेश के मुख्यमंत्री सुखविंदर सिंह सुक्खू आगामी दो-तीन दिन शिमला में नहीं रहेंगे। वह 1 अगस्त की सुबह 10 बजे दिल्ली रवाना होंगे। इस दौरान वे कई केंद्रीय मंत्रियों से मुलाकात कर सकते हैं और 2 अगस्त को कांग्रेस के “संवैधानिक चुनौती” कार्यक्रम में भी भाग लेंगे। उनका 3 अगस्त को शिमला लौटने का कार्यक्रम है।
सीएम सुक्खू का यह दौरा आपदा राहत के दृष्टिकोण से अहम माना जा रहा है। सूत्रों के अनुसार, वे केंद्रीय मंत्रियों से उन प्रभावित परिवारों के लिए वन भूमि उपलब्ध करवाने की मांग कर सकते हैं, जिनका घर और जमीन दोनों आपदा में तबाह हो गए हैं। दरअसल, हिमाचल में ऐसे अनेक परिवार हैं, जिनके पास अब घर बनाने के लिए भूमि तक नहीं बची है, और फॉरेस्ट कंजर्वेशन एक्ट उनके पुनर्वास में बाधा बन रहा है।
अगर समय मिला, तो सीएम प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी से भी मुलाकात कर सकते हैं और उन्हें प्रदेश में बादल फटने व भूस्खलन से हुए व्यापक नुकसान की जानकारी देंगे। इससे पहले भी सीएम सुक्खू दिल्ली जाकर कई केंद्रीय मंत्रियों से आपदा राहत को लेकर चर्चा कर चुके हैं।
इसके अलावा, यह दौरा राजनीतिक दृष्टि से भी बेहद महत्वपूर्ण है। सीएम सुक्खू कांग्रेस हाईकमान से भी मुलाकात कर सकते हैं। इस दौरान राज्य में पार्टी संगठन के पुनर्गठन और कैबिनेट विस्तार को लेकर चर्चा होने की संभावना है। गौरतलब है कि प्रदेश में कांग्रेस सरकार को 9 महीने से अधिक समय हो गया है, लेकिन अब तक नया संगठन नहीं बन पाया है।
राज्य मंत्रिमंडल में एक पद रिक्त है, और अब यह चर्चा जोरों पर है कि कुल्लू से विधायक सुंदर सिंह ठाकुर को मंत्री पद की जिम्मेदारी दी जा सकती है। उनकी संगठनात्मक पकड़ और जनता के बीच प्रभाव को देखते हुए उन्हें मंत्री पद का प्रबल दावेदार माना जा रहा है।
मुख्यमंत्री सुक्खू का यह दौरा राज्य की आपदा राहत नीति, संगठनात्मक समीकरण और राजनीतिक संतुलन के लिहाज से अत्यंत अहम माना जा रहा है।



