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अदरक पर भी मिलेगा समर्थन मूल्य, सराहां-चंडीगढ़ सड़क डबललेन: सुक्‍खू

➤ अदरक पर भी न्यूनतम समर्थन मूल्य देने की घोषणा
➤ सराहां-चंडीगढ़ सड़क डबललेन और अस्पताल में विशेषज्ञ तैनाती का वादा
➤ 32 करोड़ की सात विकास परियोजनाओं का लोकार्पण व शिलान्यास


शिमला/पच्छाद (सिरमौर)। मुख्यमंत्री सुखविंद्र सिंह सुक्खू ने सिरमौर जिला के पच्छाद विधानसभा क्षेत्र के सराहां में जनसभा को संबोधित करते हुए ग्रामीण अर्थव्यवस्था को मजबूती देने के लिए कई बड़ी घोषणाएं कीं। उन्होंने कहा कि राज्य सरकार पहले ही दूध पर न्यूनतम समर्थन मूल्य (MSP) दे रही है और अब किसानों को राहत देने के लिए अदरक पर भी समर्थन मूल्य प्रदान किया जाएगा। यह निर्णय प्रदेश के अदरक उत्पादक किसानों के लिए बड़ी राहत साबित होगा।

मुख्यमंत्री ने घोषणा की कि एक वर्ष के भीतर सराहां अस्पताल में विशेषज्ञ चिकित्सकों की तैनाती की जाएगी और अल्ट्रासाउंड मशीन भी स्थापित की जाएगी। इसके अलावा सराहां में सीबीएसई स्कूल खोलने और सराहां-चंडीगढ़ सड़क को डबललेन करने की घोषणा की गई। उन्होंने कांग्रेस नेता दयाल प्यारी और पूर्व विधानसभा अध्यक्ष गंगू राम मुसाफिर की मांगों को पूरा करने का आश्वासन भी दिया।

राजस्व घाटा अनुदान (RDG) के मुद्दे पर मुख्यमंत्री ने भाजपा पर तीखा हमला बोला। उन्होंने कहा कि जब सर्वदलीय बैठक में भाजपा नेताओं से पूछा गया कि क्या वे हिमाचल को राजस्व घाटा अनुदान मिलने के पक्ष में हैं, तो उन्होंने कोई जवाब नहीं दिया। उन्होंने चुनौती दी कि भाजपा प्रधानमंत्री से मिलकर प्रदेश का हक बहाल कराए। मुख्यमंत्री ने आरोप लगाया कि पूर्व भाजपा सरकार को पांच वर्षों में 70 हजार करोड़ रुपये की अतिरिक्त धनराशि मिली, लेकिन उसका सदुपयोग नहीं किया गया, जिसके कारण प्रदेश पर 76 हजार करोड़ रुपये का कर्ज और 10 हजार करोड़ की देनदारियां बढ़ीं।

उन्होंने कहा कि आपदा प्रभावितों के लिए आर्थिक सहायता डेढ़ लाख से बढ़ाकर आठ लाख रुपये की गई है। ओपीएस को बंद करने के दबाव पर उन्होंने स्पष्ट कहा कि प्रदेश सरकार झुकेगी नहीं। अग्निवीर योजना और मनरेगा के स्वरूप में बदलाव को लेकर भी उन्होंने केंद्र सरकार पर सवाल उठाए।

उद्योग मंत्री हर्षवर्धन चौहान ने कहा कि प्रदेश सरकार ने तीन वर्षों में राजनीतिक, आर्थिक और प्राकृतिक आपदाओं का सामना किया है। उन्होंने आरोप लगाया कि केंद्र सरकार ने 1952 से मिल रहे राजस्व घाटा अनुदान को समाप्त कर प्रदेश की आर्थिक स्थिति पर दबाव बनाया है।

इस अवसर पर विधायक रीना कश्यप, विधायक अजय सोलंकी, विधायक विनोद सुल्तानपुरी, पूर्व विधायक कंवर अजय बहादुर सिंह, जिला कांग्रेस अध्यक्ष आनंद परमार सहित कई जनप्रतिनिधि उपस्थित रहे।

मुख्यमंत्री ने लगभग 32 करोड़ रुपये की लागत से सात विकासात्मक परियोजनाओं का लोकार्पण और शिलान्यास किया। इनमें सहायक जिला न्यायवादी राजगढ़ के लिए कार्यालय भवन, नोहरी में उप तहसील भवन, थानी-थामनी-खरीमू सड़क, उठाऊ पेयजल योजना, राजगढ़-यशवंत नगर सड़क, गिरी नदी पर वाहन योग्य पुल तथा राजगढ़ में लोक निर्माण विभाग कॉलोनी के आवासीय क्वार्टर शामिल हैं। मुख्यमंत्री ने किसानों के लिए लगाई गई प्रदर्शनी का भी अवलोकन किया।