➤ मुख्यमंत्री सुक्खू ने शाह से हिमाचल के लिए केंद्रीय राहत बढ़ाने की मांग की
➤ अब तक 1000 करोड़ का नुकसान, 2023 से कुल 21 हजार करोड़ का आंकड़ा
➤ मौजूदा राहत नीति में 30% बढ़ोतरी और नियमों में संशोधन की अपील
पराक्रम चंद, शिमला
हिमाचल प्रदेश में बाढ़ और बादल फटने से हुए व्यापक नुकसान को देखते हुए मुख्यमंत्री ठाकुर सुखविंद्र सिंह सुक्खू ने मंगलवार को नई दिल्ली में केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह से भेंट कर राज्य के लिए अधिक केंद्रीय सहायता की मांग की। मुख्यमंत्री ने कहा कि मानसून की शुरुआत में ही प्रदेश को करीब 1000 करोड़ रुपये का नुकसान हो चुका है, जिसमें सड़कें, पुल, भवन, सिंचाई योजनाएं, पेयजल आपूर्ति और बिजली ढांचा बुरी तरह प्रभावित हुआ है।
मुख्यमंत्री ने बताया कि वर्ष 2023 से प्राकृतिक आपदाएं राज्य में बार-बार आ रही हैं और अब तक कुल अनुमानित नुकसान ₹21,000 करोड़ तक पहुंच गया है। उन्होंने स्पष्ट किया कि राज्य सरकार SDRF और NDRF के जरिए प्रभावितों को राहत देने के हरसंभव प्रयास कर रही है, लेकिन सीमित संसाधनों के चलते बहाली कार्यों को आगे बढ़ाना मुश्किल होता जा रहा है।
सुक्खू ने केंद्र द्वारा निर्धारित मौजूदा राहत मानदंडों को हिमाचल की भौगोलिक परिस्थितियों के अनुकूल नहीं बताया और इसमें संशोधन की जरूरत बताई। उन्होंने वर्तमान 10 प्रतिशत सीमा को बढ़ाकर 30 प्रतिशत करने का प्रस्ताव रखा, जिससे राज्य को प्रभावी ढंग से पुनर्निर्माण और राहत कार्यों में सहयोग मिल सके।
मुख्यमंत्री ने केंद्रीय गृह मंत्री से अनुरोध किया कि हिमाचल की विषम परिस्थिति को देखते हुए नियमों में नीतिगत बदलाव लाए जाएं और राज्य को उदार सहायता उपलब्ध कराई जाए। इस पर केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने मुख्यमंत्री को हरसंभव मदद का आश्वासन दिया।



