➤ उपमुख्यमंत्री मुकेश अग्निहोत्री ने तारंगल बस दुर्घटना स्थल का किया दौरा
➤ मेजीस्ट्रियल जांच के आदेश, परिवहन विभाग की तकनीकी टीम जांच में जुटी
➤ मृतकों को 25-25 हजार और घायलों को 5-5 हजार की फौरी राहत
हिमाचल प्रदेश के मंडी जिले के सरकाघाट उपमंडल के मसेरन के पास तारंगल में हुए दर्दनाक बस हादसे की गूंज प्रदेशभर में सुनाई दी, जिसमें अब तक 8 लोगों की मौत और 21 के घायल होने की पुष्टि हुई है। इस हादसे की गंभीरता को देखते हुए उप-मुख्यमंत्री मुकेश अग्निहोत्री खुद मौके पर पहुंचे, जहां उन्होंने दुर्घटना स्थल का निरीक्षण किया, अस्पतालों में घायलों का हाल जाना और शोक संतप्त परिजनों से मिलकर संवेदनाएं प्रकट कीं।

उपमुख्यमंत्री ने स्पष्ट किया कि इस दुर्घटना की मेजीस्ट्रियल जांच के आदेश दे दिए गए हैं और हिमाचल पथ परिवहन निगम की तकनीकी टीम हादसे के कारणों का पता लगाने में जुट गई है। उन्होंने कहा कि प्रदेश सरकार के लिए घायलों की जान बचाना सर्वोच्च प्राथमिकता है, और उन्हें सर्वोत्तम चिकित्सा सेवाएं देने के निर्देश भी जारी कर दिए गए हैं।

सरकाघाट अस्पताल के अलावा गंभीर रूप से घायल यात्रियों को नेरचौक मेडिकल कॉलेज और एम्स बिलासपुर में रेफर किया गया है। मुकेश अग्निहोत्री ने इन दोनों संस्थानों में जाकर व्यक्तिगत रूप से घायलों की स्थिति का जायजा लिया और उनके शीघ्र स्वास्थ्य लाभ की कामना की।
सरकारी आंकड़ों के अनुसार, दुर्घटनाग्रस्त बस में कुल 29 लोग सवार थे, जिनमें चार पुरुष और चार महिलाएं मौके पर ही दम तोड़ बैठे। प्रदेश सरकार ने राहत के तौर पर मृतकों के परिजनों को 25–25 हजार रुपए और घायलों को 5–5 हजार रुपए की तात्कालिक सहायता राशि जारी कर दी है।

उपमुख्यमंत्री ने कहा कि यह हादसा अत्यंत दुखद और हृदय विदारक है। उन्होंने प्रशासन को हरसंभव मदद सुनिश्चित करने और बस दुर्घटनाओं की पुनरावृत्ति रोकने के लिए ठोस उपाय सुझाने के निर्देश भी दिए। इस मौके पर उनके साथ एपीएमसी मंडी के चेयरमैन संजीव गुलेरिया, एचपीएमसी निदेशक जोगिंद्र गुलेरिया, उपायुक्त मंडी अपूर्व देवगन, एसपी साक्षी वर्मा, और कई प्रशासनिक अधिकारी मौजूद रहे।



