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कंबोडिया में डिजिटल अरेस्ट रैकेट पर सर्जिकल स्ट्राइक, हिमाचल में इस तरह से जुड़ा है ये मामला

कंबोडिया में डिजिटल अरेस्ट रैकेट पर सर्जिकल स्ट्राइक: हिमाचल के भी हो सकते हैं शिकार
गृह मंत्रालय की अपील पर 138 ठिकानों पर छापेमारी, 105 भारतीय गिरफ्तार, जल्द लाए जाएंगे देश
हिमाचल पुलिस ने भी अलर्ट जारी किया, आम लोगों से डिजिटल अरेस्ट जैसे कॉल से सतर्क रहने को कहा

दूसरा – विस्तृत खबर पूरी क्षमता से, लंबी हो, कंटेंट पूरा हो और मुख्य वर्ड वर्डप्रेस में बोल्ड
डिजिटल अरेस्ट और साइबर ठगी के शिकार अब केवल मेट्रो सिटी के लोग नहीं, बल्कि हिमाचल जैसे अपेक्षाकृत शांत और शिक्षित राज्य के निवासी भी हो सकते हैं। कंबोडिया में चल रहे एक अंतरराष्ट्रीय साइबर रैकेट पर भारत सरकार की अपील पर हुई सर्जिकल स्ट्राइक में यह साफ हो गया है कि यह नेटवर्क कितना बड़ा और संगठित था। कंबोडिया सरकार ने भारत के गृह मंत्रालय, विदेश मंत्रालय, और साइबर सुरक्षा एजेंसी (14सी) की अपील पर 138 ठिकानों पर एक साथ कार्रवाई करते हुए 3,075 लोगों को गिरफ्तार किया है। इनमें 105 भारतीय नागरिक भी शामिल हैं जिन्हें भारत लाने की प्रक्रिया तेज़ हो गई है।

गिरफ्तार हुए लोगों में बड़ी संख्या में चीनी, वियतनामी, इंडोनेशियाई, बांग्लादेशी, पाकिस्तानी, नेपाली, थाई और कोरियाई नागरिक भी शामिल हैं। बताया गया है कि ये ठग पुलिस की वर्दी, ड्रग्स, हथियारों, और कम्प्यूटर नेटवर्किंग डिवाइसेज़ के जरिए लोगों को कॉल कर उन्हें “डिजिटल अरेस्ट” में दिखाकर ठगते थे। ये कॉल आमतौर पर खुद को दिल्ली पुलिस, एनसीबी, या सीबीआई अधिकारी बताकर की जाती थी।

हिमाचल प्रदेश के कुछ शहरों और कस्बों में भी बीते महीनों में इसी तरह के मामले सामने आए थे जहां बैंक अधिकारी, छात्र, और सरकारी कर्मचारियों को टारगेट किया गया। अब कंबोडिया के इस रैकेट के भंडाफोड़ के बाद हिमाचल पुलिस ने आम जनता को सतर्क करते हुए साइबर ठगी से जुड़े कॉल्स के प्रति सावधानी बरतने की चेतावनी दी है।

बताया गया है कि ठगों के पास से बड़ी मात्रा में लैपटॉप, मोबाइल फोन, ड्रग प्रोसेसिंग मशीनें, गोलियां, और फर्जी दस्तावेज बरामद हुए हैं। ये गिरोह प्रतिदिन लाखों-करोड़ों की ठगी करते थे।

हिमाचल से जुड़े कई साइबर पीड़ितों के डेटा भी इन ठगों के सिस्टम से मिलने की संभावना से इनकार नहीं किया जा सकता, इसलिए पुलिस ने जांच तेज कर दी है। गृह मंत्रालय के अनुसार, जल्द ही गिरफ्तार 105 भारतीयों को भारत लाकर पूछताछ की जाएगी और जरूरत पड़ी तो उनके खिलाफ कानूनी कार्रवाई भी की जाएगी।