➤ विकास को विनाश का कारण नहीं बनने देना चाहिए – विक्रमादित्य सिंह
➤ हिमाचल में आपदा से 800 करोड़ का नुकसान, पर्यावरण हितैषी विकास मॉडल पर जोर
➤ घणाहट्टी स्कूल में खेलकूद प्रतियोगिता का शुभारंभ, लाखों की विकास योजनाओं की घोषणा
हिमाचल प्रदेश के लोक निर्माण एवं शहरी विकास मंत्री विक्रमादित्य सिंह ने रविवार को राजकीय आदर्श वरिष्ठ माध्यमिक पाठशाला घणाहट्टी में आयोजित अंडर-14 बालक एवं बालिका श्रेणी की तीन दिवसीय खेलकूद प्रतियोगिता का शुभारंभ किया। इस मौके पर मुख्य अतिथि के रूप में पहुंचे मंत्री ने कहा कि विकास विनाश का कारण नहीं बनना चाहिए, बल्कि ऐसा विकास होना चाहिए जो पर्यावरण हितैषी और भविष्य की पीढ़ियों के लिए सुरक्षित हो।

उन्होंने कहा कि 24 से 27 अगस्त 2025 तक की प्राकृतिक आपदाओं ने प्रदेश को 800 करोड़ रुपए का नुकसान पहुंचाया है। प्रभावित क्षेत्रों के रेस्टोरेशन को अमलीजामा पहनाना सबसे बड़ी चुनौती है और इसमें सरकारी धन का दुरुपयोग बिल्कुल नहीं होना चाहिए। उन्होंने चेतावनी दी कि अगर प्राकृतिक संसाधनों के साथ लापरवाही जारी रही तो आने वाले समय में हालात और गंभीर हो सकते हैं।

मंत्री ने कहा कि अब बादल फटने की घटनाएं तेजी से बढ़ रही हैं, जो राज्य के लिए अलार्मिंग सिचुएशन है। इसलिए विकास मॉडल में बदलाव जरूरी है। मलबे को तय डंपिंग साइट्स पर ही फेंका जाए और धार्मिक स्थलों को प्रदूषित न किया जाए। उन्होंने कहा कि देव भूमि के पवित्र स्थलों की गरिमा बनाए रखना सभी की जिम्मेदारी है।

उन्होंने बच्चों को पढ़ाई के साथ-साथ खेलों में भी अग्रणी रहने की नसीहत दी। उन्होंने बताया कि प्रदेश सरकार राजीव गांधी डे बोर्डिंग स्कूल और स्मार्ट क्लास रूम जैसी योजनाओं पर काम कर रही है, ताकि बच्चों को आधुनिक शिक्षा और रोजगारपरक कोर्स उपलब्ध कराए जा सकें।
इस अवसर पर उन्होंने कई घोषणाएं भी कीं—
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5 लाख रुपए स्कूल परिसर में इंटरलॉकिंग टाइल्स के लिए
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15 लाख रुपए कुश्ती ग्राउंड के जीर्णोद्धार के लिए
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घणाहट्टी स्कूल में इंडोर स्टेडियम बनाने के विकल्प तलाशने की घोषणा
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खेलकूद आयोजकों के लिए 31 हजार रुपए की राशि देने की घोषणा
इस प्रतियोगिता में 17 स्कूलों के लगभग 400 छात्र-छात्राएं हिस्सा ले रहे हैं। इनमें 212 लड़के और 186 लड़कियां विभिन्न खेलों में अपनी प्रतिभा दिखाएंगे। खिलाड़ियों ने मार्च पास्ट और सरस्वती वंदना की शानदार प्रस्तुति देकर दर्शकों की खूब तालियां बटोरीं। प्रतियोगिता का समापन 3 सितंबर 2025 को होगा।



