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मिडिल ईस्ट में युद्ध की आहट: कतर और इराक में अमेरिकी ठिकानों पर हमला

ईरान ने कतर स्थित अमेरिकी एयरबेस पर मिसाइलें दागी
दोहा में कई धमाकों की आवाजें, एयरस्पेस किया गया बंद
इराक में भी अमेरिकी सैन्य ठिकानों पर मिसाइल हमले की खबर



मिडिल ईस्ट में तनाव एक बार फिर खतरनाक मोड़ पर पहुंच गया है। ईरान ने अपने परमाणु ठिकानों पर कथित हमलों का बदला लेने के लिए कतर में स्थित अमेरिका के अल-उदीद एयरबेस की ओर मिसाइलें दागी हैं। यह जानकारी अंतरराष्ट्रीय मीडिया रिपोर्ट्स से सामने आई है। बताया जा रहा है कि कतर की राजधानी दोहा में सोमवार देर शाम कई तेज धमाकों की आवाजें सुनाई दीं। दोहा के आकाश में आग की लपटें उठती देखी गई हैं, जिससे स्थानीय लोगों और पर्यटकों में दहशत फैल गई है।

अल-उदीद एयरबेस को मिडिल ईस्ट में अमेरिका का सबसे बड़ा सैन्य अड्डा माना जाता है, जहां करीब 8,000 से 10,000 अमेरिकी सैनिक तैनात हैं। रिपोर्ट्स के मुताबिक ईरान ने इस बेस की ओर लगभग 10 मिसाइलें दागी हैं, जबकि एक मिसाइल इराक में अमेरिकी मिलिट्री ठिकानों की ओर भी भेजी गई है। हालांकि अभी तक यह स्पष्ट नहीं हुआ है कि मिसाइलें अपने लक्ष्य तक पहुंचीं या इंटरसेप्ट कर दी गईं।

इसके अलावा कुछ घंटों पहले सीरिया के हसाका प्रांत में भी एक अमेरिकी बेस पर हमला हुआ था, लेकिन इसकी पुष्टि नहीं हो सकी है कि इस हमले के पीछे भी ईरान ही है या कोई और संगठन। कतर ने इस स्थिति को देखते हुए अपने एयरस्पेस को बंद कर दिया है, जिससे अंतरराष्ट्रीय उड़ानों पर भी प्रभाव पड़ा है।

विशेषज्ञों का कहना है कि यदि ये हमले पूरी तरह से ईरान द्वारा योजनाबद्ध बदले की कार्रवाई हैं, तो यह अमेरिका और ईरान के बीच खुली सैन्य टकराव की शुरुआत हो सकती है। दोहा के ऊपर दिखाई दी लपटें यह संकेत दे रही हैं कि या तो एयर डिफेंस सिस्टम सक्रिय हुआ है या मिसाइलें आकाश में फटी हैं

फिलहाल अमेरिकी रक्षा विभाग की ओर से कोई आधिकारिक बयान जारी नहीं किया गया है, और न ही कतर सरकार की ओर से स्थिति पर विस्तृत टिप्पणी की गई है। लेकिन मिडिल ईस्ट में तेज होती सैन्य हलचल से अंतरराष्ट्रीय समुदाय गहरी चिंता में है। स्थिति के पल–पल बदलते घटनाक्रम पर दुनिया की नजर टिकी हुई है।