➤ संसारपुर टैरेस में नकली दवाओं के बड़े गिरोह का भंडाफोड़
➤ बिना अनुमति और कॉपीराइट उल्लंघन कर बनाई जा रही थीं नकली दवाएं
➤ एलोपैथिक लाइसेंस पर रात को चल रहा था अवैध आयुर्वेदिक उत्पादन
गौरव सेठी
हिमाचल प्रदेश के जिला कांगड़ा के औद्योगिक क्षेत्र संसारपुर टैरेस में नकली दवाओं के बड़े गिरोह का पर्दाफाश हुआ है, जिससे स्वास्थ्य सुरक्षा और औद्योगिक पारदर्शिता को लेकर गहरी चिंता जताई जा रही है। पुलिस और औषधि विभाग की संयुक्त टीम ने मंगलवार को एक निजी फैक्ट्री पर छापेमारी कर भारी मात्रा में नकली दवाइयों का जखीरा बरामद किया।
इस कार्रवाई की शुरुआत उस समय हुई जब एक पंजीकृत दवा कंपनी ने शिकायत दी कि उसका ब्रांडेड उत्पाद ‘कामराज कैप्सूल’ नकली रूप में एक स्थानीय फैक्ट्री में तैयार किया जा रहा है। शिकायत में यह भी उल्लेख था कि इन नकली उत्पादों को बिना लाइसेंस और कॉपीराइट उल्लंघन के खुले बाजार में बेचा जा रहा है।
थाना प्रभारी संजय शर्मा की अगुवाई में पुलिस, औषधि निरीक्षक, कंपनी प्रतिनिधियों और पंचायत प्रतिनिधियों ने संयुक्त रूप से फैक्ट्री में दबिश दी। छानबीन के दौरान भारी मात्रा में नकली ‘कामराज कैप्सूल’, रॉ मैटेरियल और पैकिंग सामग्री बरामद हुई।
प्रारंभिक जांच में सामने आया है कि फैक्ट्री के पास केवल एलोपैथिक दवाओं का उत्पादन करने का लाइसेंस था, लेकिन अवैध रूप से रात के समय आयुर्वेदिक दवाओं का निर्माण भी किया जा रहा था। यह न केवल कानून का उल्लंघन है, बल्कि स्वास्थ्य के साथ भी गंभीर खिलवाड़ माना जा रहा है।
डाडासीबा थाना के डीएसपी राज कुमार ने बताया कि आरोपियों के खिलाफ कॉपीराइट उल्लंघन, ब्रांड की नकल और नकली दवा निर्माण के तहत मामला दर्ज कर लिया गया है। जब्त की गई दवाएं फॉरेंसिक लैब भेजी गई हैं, और पूरे प्रकरण की गहन जांच जारी है।
पुलिस का कहना है कि दोषियों के खिलाफ सख्त से सख्त कानूनी कार्रवाई की जाएगी, ताकि प्रदेश में औषधि उत्पादन की पारदर्शिता और लोगों की स्वास्थ्य सुरक्षा सुनिश्चित की जा सके।



